n NBT रिपोर्ट, मुंबई
अगर मिडिल ईस्ट से पॉजिटिव खबर आती है तो क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आ सकती है। ऐसे में सोमवार को बाजार तेजी के साथ खुल सकता है। हालांकि, ये शॉर्ट-टर्म रैली हो सकती है। इस हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।
जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता, कच्चे तले की कीमत और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से केंद्र सरकार को दिया गया डिविडेंड शेयर बाजार का रुझान तय करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाला यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।
यजानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम की बातचीत आगे बढ़ती है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुलता है तो सोमवार को स्टॉक मार्केट तेजी के साथ खुल सकता है। साथ ही, क्रूड ऑयल की कीमतों में भी नरमी आ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। हालांकि, बाजार में तेजी आएगी या नहीं इसको लेकर सिर्फ संभावना जताई जा सकती है। इस संभावना के साथ अलग-अलग सेक्टर के चुनिंदा लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में तेजी आने की संभावना है। बता दें कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का फायदा सीधा भारत को होगा। दरअसल, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद आयात बिल, महंगाई, रुपये पर दबाव और कंपनियों की लागत कम हो सकती है। इससे लोगों के खर्च करने की कैपेसिटी भी बढ़ेगी। आनंद राठी के टेक्निकल रिसर्च सीनियर मैनेजर, गणेश डोंगरे ने बताया कि बाजार का सेंटिमेंट अब सुधर रहा है और निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना रहे हैं। उन्होंने ट्रेडर्स को सलाह दी है कि वे अगले हफ्ते बेहद चुनिंदा शेयरों में ही हाथ डालें और जोखिम प्रबंधन का पूरा ध्यान रखें, क्योंकि बाजार पूरी तरह से ग्लोबल खबरों के अनुसार चल रहा है।




