सिंगापुर की 2026 आर्थिक वृद्धि का अनुमान बरकरार: AI की मांग और वैश्विक जोखिमों का असर

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सिंगापुर की अर्थव्यवस्था 2026 में दो से चार प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी मजबूत मांग इस वृद्धि को सहारा दे रही है। पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन देखा गया। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से वैश्विक आर्थिक स्थिति थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है।

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सिंगापुर ने 2026 के लिए अपनी आर्थिक विकास दर का अनुमान दो से चार प्रतिशत पर बनाए रखा है। यह फैसला पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के कारण लिया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी मांग ने अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक आर्थिक माहौल में थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।

सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्रालय (एमटीआई) ने बताया कि 2026 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह पिछले तिमाही के 5.7 प्रतिशत के आंकड़े से भी अधिक है। इस शानदार बढ़त में थोक व्यापार, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और वित्त व बीमा जैसे क्षेत्रों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मंत्रालय के अनुसार, एआई से जुड़ी लगातार बढ़ती मांग ने इस विकास को सहारा दिया है।
दूसरी ओर, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने कच्चे तेल और संबंधित उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की है और उनकी आपूर्ति को भी प्रभावित किया है। इसका असर कुछ खास क्षेत्रों पर पड़ा है। विशेष रूप से, थोक व्यापार के ईंधन और रसायन वाले हिस्से के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र के रसायन उद्योग में गिरावट देखी गई है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एमटीआई ने फरवरी में ही 2026 के लिए विकास अनुमान को एक से तीन प्रतिशत से बढ़ाकर दो से चार प्रतिशत कर दिया था। उस समय यह उम्मीद थी कि 2025 की चौथी तिमाही में एआई निवेश के कारण शुरू हुई मजबूत वृद्धि 2026 तक जारी रहेगी। इसके अलावा, प्रमुख देशों की विस्तारवादी आर्थिक नीतियां भी विकास को बढ़ावा देंगी। लेकिन तब से, खासकर इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से, वैश्विक आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है।

इसके बावजूद, मंत्रालय का कहना है कि एआई से जुड़ी मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है और यह पूरे साल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को समर्थन देती रहेगी। इससे पहले, 19 मई को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया था कि 2026 में सिंगापुर की आर्थिक वृद्धि घटकर 3.5 प्रतिशत रह सकती है और 2027 तक यह 2.7 प्रतिशत तक जा सकती है। आईएमएफ ने इसका कारण मध्य पूर्व संघर्ष से बढ़ती ऊर्जा कीमतें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले असर को बताया था।

आईएमएफ ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि युद्ध से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि 2026 से विकास धीरे-धीरे कम होगा, क्योंकि निजी निवेश और निर्यात सामान्य स्तर पर आ जाएंगे। यह रिपोर्ट सिंगापुर के अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ 7 मई से 18 मई तक हुई 2026 आर्टिकल आईवी कंसल्टेशन के बाद जारी की गई थी।

सिंगापुर की अर्थव्यवस्था में एआई की भूमिका काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यह तकनीक न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है, बल्कि नए अवसरों के द्वार भी खोल रही है। मंत्रालय का मानना है कि एआई से जुड़ी मांग भविष्य में भी अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करती रहेगी।

हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव एक चिंता का विषय बना हुआ है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती हैं। सिंगापुर, जो एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, इन वैश्विक झटकों से अछूता नहीं रह सकता।

मंत्रालय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए तैयार है। सरकार का लक्ष्य आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और विकास की गति को बनाए रखना है, भले ही बाहरी चुनौतियां हों।

आईएमएफ के अनुमानों से पता चलता है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में अनिश्चितता बनी रहेगी। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव सिंगापुर जैसे छोटे और खुले अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए चुनौतियां पेश कर सकते हैं।

फिर भी, सिंगापुर की अर्थव्यवस्था की लचीलापन और एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने की क्षमता इसे इन चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती है। मंत्रालय का दो से चार प्रतिशत का अनुमान इस विश्वास को दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था इन बाधाओं के बावजूद मजबूत बनी रहेगी।