nNBT न्यूज, लखनऊः गहमर की साहित्यिक संस्था 'साहित्य सरोज' द्वारा रविवार को प्रेस क्लब में जासूसी कहानियों पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदी के प्रथम जासूसी कथाकार गोपालराम गहमरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में संस्था के यूट्यूब चैनल की लॉन्चिंग के साथ ही काव्य रसधार भी बही। परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए प्रो. विश्वंभर शुक्ल ने सुरेंद्र मोहन पाठक और ओम प्रकाश शर्मा जैसे भारतीय दिग्गजों के साथ-साथ जॉन ले कार्रे और टॉम क्लैंसी जैसे वैश्विक लेखकों के रचनाकर्म की मीमांसा की। इससे पूर्व संयोजक अखंड प्रताप सिंह गहमरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए गहमरी जी के जासूसी लेखन से सभी को परिचित कराया। अर्चना बाजपेयी ने जासूसी व तिलिस्मी लेखन को सामान्य साहित्य से अधिक कठिन बताया। आरबी शर्मा ने कहा कि एक सफल जासूसी लेखक को शृंगार रस के रचनाकार से भी अधिक बारीकी से कथा को आगे बढ़ाना होता है।





