n पीटीआई, मुंबई: भारतीयों का विदेश यात्रा पर खर्च मार्च में घटकर 1.09 अरब डॉलर रह गया, जो फरवरी में 1.30 अरब डॉलर था। जबकि जनवरी में विदेश यात्रा पर खर्च 1.65 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। यानी सिर्फ दो महीनों में विदेश यात्रा पर खर्च करीब 56 करोड़ डॉलर घट गया। यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब पश्चिम एशिया तनाव, महंगा डॉलर, बढ़ते एयरफेयर और वैश्विक अनिश्चितता ने विदेशी ट्रैवल को पहले से ज्यादा महंगा बना दिया है।
रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, भारतीयों द्वारा विदेश यात्रा पर किया गया खर्च, जिसमें छुट्टियों की यात्राएं भी शामिल हैं, मार्च में फरवरी की तुलना में $212.43 मिलियन घटकर $1.09 बिलियन रह गया। यात्रा के लिए विदेश भेजे गए पैसे (आउटवर्ड रेमिटेंस) फरवरी में $1.3 बिलियन और इस साल जनवरी में $1.65 बिलियन थे। 'निवासी व्यक्तियों के लिए लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश भेजे गए पैसे' पर RBI का डेटा, भारतीयों द्वारा विभिन्न श्रेणियों में किए गए विदेश खर्च को दिखाता है, इन श्रेणियों में यात्रा, करीबी रिश्तेदारों के भरण-पोषण, विदेश में पढ़ाई, और इक्विटी व डेट में निवेश शामिल हैं। LRS के तहत, निवासी व्यक्तियों - जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं - को हर वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) में किसी भी अनुमत चालू या पूंजी खाता लेनदेन, या दोनों के संयोजन के लिए, $2,50,000 तक की राशि स्वतंत्र रूप से विदेश भेजने की अनुमति है।





