रात भर चली सुर-लय-ताल की जादूगरी

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लखनऊ में एक अनूठी संगीत बैठक विभावरी का आयोजन हुआ। इस बैठक में रात में गाए जाने वाले रागों का उनके निर्धारित समय पर गायन और वादन किया गया। युवा गायक अक्षय अवस्थी, तबला वादक अमित विश्वकर्मा और सरोद वादक पंडित अभिजीत रॉयचौधरी ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस आयोजन ने संगीत प्रेमियों के बीच गहन संगीत साधना का माहौल बनाया।

lucknow echoes with melodies of rhythm and tune all night vibhawari music meet captivates hearts

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: नवाबों का शहर शनिवार को एक अनूठे आयोजन का साक्षी बना। इस आयोजन में रात में गाये जाने वाले रागों का उनके ही समय पर गायन या वादन किया गया। यह आयोजन था त्रिसामा आर्ट् और पंडित अनोखेलाल मिश्रा कल्चरल सेंटर की ओर से आयोजित अनूठी संगीत बैठक विभावरी का।

 शनिवार की ढलती रात से रविवार सुबह तक कारवां स्टूडियो में चले इस आयोजन ने राजधानी में गहन संगीत साधना और उत्सव का एक ऐसा वातावरण निर्मित किया, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। कार्यक्रम का आगाज़ युवा गायक अक्षय अवस्थी ने 'राग जोग' की सधी हुई और बेहद भावपूर्ण प्रस्तुति से किया। उनकी गायकी ने पूरी रात के लिए एक आध्यात्मिक धरातल तैयार कर दिया। इसके बाद अमित विश्वकर्मा ने अपने ऊर्जावान तबला एकल से श्रोताओं में जोश भर दिया, तो मैहर घराने के वरिष्ठ सरोद वादक पंडित अभिजीत रॉयचौधरी ने 'राग चारुकेशी' की मीठी तानों से सरोद वादन को नई ऊंचाइयां दीं।