कोई भी किसी का जबरन धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता: शाह

नवभारतटाइम्स.कॉम

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कोई भी जबरन धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता। उन्होंने समान नागरिक संहिता को लेकर जनजातियों को आश्वस्त किया कि उनके अधिकारों का अतिक्रमण नहीं होगा। शाह ने नक्सल समस्या के खात्मे और जनजाति क्षेत्रों में विकास की बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जनजातियों के लिए बजट बढ़ाया है।

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Maneesh.Aggarwal @timesofindia.com

n लालकिला मैदान : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर लाल किला मैदान में रविवार को पहली बार इतने बड़े स्तर पर ' जनजाति सांस्कृतिक समागम ' का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से 550 से अधिक जनजाति (आदिवासी) समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ शामिल हुए। समागम में मुख्य अतिथि गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने वालों को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि कोई भी किसी का लोभ, लालच और जबरन धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता।

शाह ने कहा कि सभी जनजातियों ने बिना किसी लिखित नियम के विविधता में एकता और एकता में विविधता वाले मंत्र को चरितात्र करने का काम किया है। गृह मंत्री ने कहा कि यूसीसी (समान नागरिक संहिता) से किसी को कोई भ्रम या संदेह में पड़ने की जरूरत नहीं है। मैं इस मंच से यह स्पष्ट करता हूं कि यूसीसी की कोई भी पाबंदी वनवासी जगत पर नहीं लगने वाली है, किसी के भी भ्रम में ना आएं। किसी भी सूरत में आपके अधिकारों का कोई भी अतिक्रमण नहीं होने वाला है। वनवासी अधिकारों को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए गुजरात और उत्तराखंड में बीजेपी सरकार ने विशेष प्रावधान करके यूसीसी से सारे जनजातियों को बाहर रखने का काम किया है।

शाह ने कहा कि देश में पांच दशक पुरानी नक्सल समस्या को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब जनजाति क्षेत्रों और पहाड़ों में विकास काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा, इसी का परिणाम है कि बंगाल चुनाव में 16 की 16 ट्राइबल रिजर्व सीटें बीजेपी जीतकर आई। कांग्रेस के जमाने से कुल बजट जनजातियों के लिए 28 हजार करोड़ था। अब मोदी सरकार में उसे एक लाख 50 हजार करोड़ तक बढ़ाने का काम किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कई नेता शामिल हुए। कार्यक्रम जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मैनेजमेंट में बीजेपी के करीब 20 विभागों को लगाया गया था।