n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा इस बार अभ्यर्थियों के लिए चुनौती भरी रही। पिछले तीन साल में सबसे मुश्किल पेपर इस बार यूपीएससी में पूछा गया है। यूपीएससी की ओर से सवालों के पैटर्न में बदलाव करते हुए इस बार लंबे सवाल ज्यादा पूछे गए। पहले पेपर में सबसे ज्यादा मुश्किलें आईं जिसके चलते काफी छात्रों ने दूसरा पेपर दिया ही नहीं। इससे पहले साल 2023 में इतना मुश्किल पेपर आया था।
रविवार को राजधानी लखनऊ के 86 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चली, जिसमें मुख्य पेपर हुआ। जबकि दूसरी पाली (सीसैट) दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित की गई। पहले पेपर की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार सवालों के जो विकल्प दिए गए थे वो बहुत जटिल थे जिसके चलते कन्फ्यूजन था। इस बार यूपी से जुड़े सवाल भी पूछे गए हैं। अभ्यर्थी अनिरुद्ध ने बताया कि पेपर में अर्थव्यवस्था से जुड़े कई सवाल इस बार आए जो काफी मुश्किल रहे। गरिमा ने बताया कि स्टेटमेंट या सेंटेंस के सवाल ज्यादा और लंबे थे जिससे उन्हें हल करने में बहुत समय लग रहा था। इस वजह से भी पेपर हल करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
नीचे जाएगी मेरिट: सिविल सर्विस एक्सपर्ट विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार सवाल बहुत लंबे पूछे गए। यूपीएससी ने सवालों का अपना पारंपरिक पैटर्न ब्रेक किया है। पेपर के उच्च कठिनाई स्तर को देखते हुए यह तय है कि इस बार मेरिट बहुत नीचे जाएगी। इस तरह के पेपर सिविल एस्पिरेंट्स के लिए भी एक लेसन की तरह होते हैं। जो एस्पिरेंट्स की तैयारी को एक अलग लेवल देते हैं।





