n NBT न्यूज, गुड़गांव
स्कूलों में अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों को भविष्य की तकनीकों और रोजगारपरक कौशल से भी जोड़ा जाएगा। इस दिशा में अब बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। बोर्ड ने सरकारी और एडेड स्कूलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, कोडिंग और व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ रोजगार के लिए तैयार करना है। जल्द ही इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
केंद्र सरकार की संस्था 'परख' के सहयोग से यह कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेशभर के सरकारी और एडेड स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी एक से दो महीने के भीतर बोर्ड मुख्यालय में आयोजित किए जाएंगे ताकि शिक्षक नई तकनीकों और आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रभावी तरीके से छात्रों तक पहुंचा सकें। बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने कहा कि तेजी से बदलते दौर में छात्रों को केवल पारंपरिक शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है। अब जरूरत ऐसी शिक्षा की है, जो बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाए और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करा सके। इसी उद्देश्य से एआई, रोबोटिक्स, कोडिंग और अन्य रोजगारपरक विषयों को चरणबद्ध तरीके से स्कूलों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों में भी बदलाव किए जाएंगे। यह कार्यक्रम छात्रों में रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में मदद करेगा। साथ ही बच्चों को शुरुआती स्तर से ही आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलने से वे उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

