n NBT न्यूज, सेक्टर-110
न्यू पालम विहार में फर्जी क्लिनिक चलाने के मामले में पकड़ा गया झोलाछाप महज 12वीं पास निकला। स्वास्थ्य विभाग और FDA की संयुक्त छापेमारी में गिरफ्तार आरोपी सुकुमार बिस्वास को पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिना किसी डिग्री और लाइसेंस के वह छह साल से इलाज कैसे कर रहा था और दवाइयां कहां से खरीदकर ला रहा था।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास किसी भी प्रकार की मेडिकल डिग्री, RMP सर्टिफिकेट या ड्रग लाइसेंस नहीं है। वह केवल 12वीं तक पढ़ा हुआ है, इसके बावजूद खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा था। रिमांड के दौरान यह जानकारी जुटाई जा रही है कि वह एलोपैथिक दवाइयां, इंजेक्शन और मेडिकल उपकरण कहां से खरीदता था। यह भी जांच की जा रही है कि उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों को शक है कि बिना लाइसेंस दवाइयों की सप्लाई करने वाले कुछ मेडिकल स्टोर या सप्लायर भी इसमें शामिल हो सकते हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और FDA की टीम ने न्यू पालम विहार स्थित डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लिनिक पर छापा मारा था। मौके से इस्तेमाल की हुई सिरिंज, IV ग्लूकोज की बोतलें, इंजेक्शन, एंटीबायोटिक समेत भारी मात्रा में दवाइयां और इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए थे। यह भी सामने आया था कि आरोपी नियमित रूप से मरीजों को दवाइयां देने के साथ IV चढ़ाने और प्राथमिक इलाज करने का काम करता था। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर बजघेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NMC एक्ट 2019 और BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान और तेज करने की बात कही है।


