n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
साइबर क्राइम थाना मानेसर की पुलिस टीम ने इंश्योरेंस पॉलिसी और गवर्नमेंट बॉन्ड बेचने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में गाजियाबाद से 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल, 7 सिम कार्ड और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी को एक व्यक्ति ने थाना साइबर मानेसर में शिकायत दी कि अज्ञात लोगों ने खुद को ‘वन सर्वर कैपिटल एडवाइस (LLP)’ कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे ठगी की है। आरोपियों ने इंश्योरेंस पॉलिसी और बॉन्ड खरीदने का झांसा देकर करीब 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई : पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार को गाजियाबाद (यूपी) से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान उदित चोपड़ा निवासी अशोक वाटिका, शालीमार सिटी रॉयल गार्डन, गाजियाबाद, जितेश कुमार श्रीवास्तव निवासी शास्त्री नगर, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली व हिमांशु प्रेमी उर्फ सरदार निवासी कोकलपुर, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है।
गाज़ियाबाद में खोला था फर्जी कॉल सेंटर : पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी हिमांशु औरजितेश गाजियाबाद में एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं। दोनों ने गाजियाबाद में ही एक कॉल सेंटर खोला और कंपनी से डेटा लेकर लोगों को कॉल करते लगे। वे इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के नाम पर लोगों को गुमराह कर ठगी करते थे। कॉलिंग के लिए उन्होंने उदित को रखा हुआ था, जो ग्राहकों को पॉलिसी खरीदने के नाम पर झांसा देता था। आरोपी जितेश और हिमांशु प्रेमी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है, उदित चोपड़ा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां : जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर ATM और चेक के माध्यम से निकाली जाती थी। इस मामले में पहले ही बैंक खाता धारक श्याम और ATM से नकदी निकालने वाले अर्जुन सिंह को 6 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद 8 मई को सिम उपलब्ध कराने वाले धर्मेंद्र सिंह और नकदी निकालने वाले अमित कुमार यादव उर्फ सत्येम को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।


