g भाषा, जयपुर: राजस्थान में सवाई माधोपुर के कुशालीपुरा में गुर्जर समुदाय ने शनिवार को समाज के दिवंगत नेता किरोड़ी सिंह बैंसला और दो अन्य लोगों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। यह अनावरण प्रशासन की आपत्तियों के बावजूद किया गया। प्रशासन ने इस इलाके में रणथंभौर बाघ संरक्षित क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंधों का हवाला दिया था। अधिकारियों ने बताया कि बैंसला के साथ साथ राधेश्याम और कन्हैया लाल की प्रतिमाओं का अनावरण उस जगह पर किया गया, जिसके गुर्जर समाज 'शहीद स्मारक' होने का दावा करते हैं। इस अवसर पर हवन और प्रार्थना समेत विभिन्न रस्में पूरी कीं, जिसमें समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। किरोड़ी सिंह बैंसला के बेटे विजय सिंह बैंसला भी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम हिस्सा लिया। ये प्रतिमाएं शुक्रवार देर रात ही पहुंच गई थीं, जिसके बाद शनिवार सुबह से ही गुर्जर समुदाय के सदस्य बड़ी संख्या में वहां जुटने लगे।
प्रतिमाओं के अनावरण से पहले कई लोगों को कार्यक्रम स्थल पर जश्न मनाते और नाचते-गाते देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि यह जगह रणथंभौर बाघ संरक्षित क्षेत्र के 'क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट' (सीटीएच) क्षेत्र में है जहां इस तरह प्रतिमाएं लगाने की अनुमति नहीं है। शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई थी, जब इस मुद्दे को लेकर समुदाय के सदस्य और पुलिस आमने-सामने आ गए थे। लोगों की भीड़ को देखते हुए सवाई माधोपुर, करौली और दौसा ज़िलों से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
समुदाय के सदस्यों ने बताया कि यह जगह गुर्जर आरक्षण आंदोलन से जुड़ी हुई है, क्योंकि उस दौरान समुदाय के कुछ सदस्यों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि समुदाय लंबे समय से इस जगह पर 'शहीद स्मारक' बनाने की मांग कर रहा है, लेकिन प्रशासन ने पर्यावरणीय प्रतिबंधों का हवाला देते हुए इस मांग का विरोध किया। विजय सिंह बैंसला ने स्थानीय विधायक जितेंद्र गोठवाल की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान स्मारक स्थल पर प्रतिमाएं लगवाने का जो वादा किया गया, उसे पूरा नहीं किया गया।


