उड़नदस्तों में चहेतों की उड़ान बंद

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लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा की जांच के लिए उड़नदस्तों में अब चहेतों की जगह सभी शिक्षकों को मौका मिलेगा। विवि प्रशासन ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह बड़ा बदलाव किया है। अब हर दिन अलग-अलग विभागों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे परीक्षाओं की जांच में किसी भी तरह के गठजोड़ की गुंजाइश खत्म हो गई है।

lucknow university to give all teachers a chance in exam flying squads transparency increased

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा की जांच करने के लिए केंद्रों पर जाने वाले उड़नदस्तों में अब हर दिन नए चेहरे परीक्षा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। क्योंकि विवि ने अब गिने चुने शिक्षकों की जगह फ्लाइंग स्क्वाॅयड में सभी शिक्षकों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हर दिन अलग-अलग विभागों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। संबंधित शिक्षक को एक-दो दिन पहले बता दिया जाता है कि उन्हें किस पाली की परीक्षा में जाना है। विवि प्रशासन की ओर से परीक्षा में पारदर्शिता की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया गया है।

विवि में पिछले साल तक प्रॉक्टोरियल बोर्ड ही यह तय करता था कि फ्लाइंड स्क्वायड में किसे भेजना है। प्रॉक्टोरियल टीम के अलावा कॉलेजों के कुछ शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाता था। इसके बाद हर दिन कमोबेश उन्हीं लोगों को बदल-बदल कर अलग-अलग केंद्रों पर भेज जाता था। विवि के वीसी प्रो. जेपी सैनी कीओर से इस बार से इस व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया गया है।

यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का पूल बनाया

नई व्यवस्था के तहत अब पूरी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का एक पूल बना दिया गया है। इसके बाद रैंडम अलग-अलग विभागों से हर दिन शिक्षकों की ड्यूटी फ्लाइंग स्क्वाॅयड में लगाई जा रही है। जिसकी ड्यूटी लगती है उसे उसी दिन बताया जाता है कि उन्हें किस केंद्र पर जाना है। इससे अब परीक्षाओं की जांच की व्यवस्था में किसी तरह के गठजोड़ की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो गई है।

स्क्वाॅयड में भी सीनियारिटी

विवि में हर दिन छह टीमें परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए भेजी जाती हैं। इसमें हर टीम में तीन फैकल्टी की ड्यूटी लगाई जाती है। इस टीम में भी सीनियारिटी का पूरा ख्याल रखा गया है। वर्तमान में अब जो ड्यूटी लगाई जा रही है उसमें एक प्रफेसर, एक असोसिएटऔर एक असिस्टेंट प्रफेसर की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके अलावा पहले शिक्षकों की ओर से ही यह आरोप लगाया जाता था कि फ्लाइंग स्क्वायड में चहेतों को ले जाया जाता है। ऐसे में विवि प्रशासन ने अब सभी को मौका देने का निर्णय लिया ताकि हर शिक्षक की ड्यूटी इसमें लगाई जा सके।