Shanker.Singh
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n नई दिल्ली: पाकिस्तान और दुबई में बैठे ISI हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में सक्रिय ऑपरेटिव जरिए बड़े आतंकी हमलों की साजिश नाकाम होने से सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का दावा है कि इस साजिश के पीछे पाक खुफिया एजेंसी ISI हैंडलर, कराची में बैठा मोहम्मद सलीम उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा, यावर खान और दुबई में बैठा पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी थे।
मुंबई अंडरवर्ल्ड और ISI हैंडलर्स के गठजोड़ के खुफिया इनपुट मिलने के बाद स्पेशल सेल के अडिशनल सीपी प्रमोद कुमार कुशवाहा की देखरेख और डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी की लीडरशिप में बनी एसीपी विवेक त्यागी, इंस्पेक्टर सुनील रंजन और धीरज महलावत की टीम ने 14 मई को यूपी के मिर्जापुर निवासी विजय उर्फ शूटर को पुणे से गिरफ्तार किया। इसके सहयोगी नीतीश पासवान को 17 मई को झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा। विजय और नीतीश शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े पाकिस्तानी आबिद जट के संपर्क में था।
विजय से पूछताछ के बाद 27 मई को मुंबई के तौकीर रिजवान अहमद शेख और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों ISI हैंडलर यावर खान के संपर्क में थे, जिन्हें मुन्ना झिंगाड़ा ने मुंबई निवासी फरार आरोपी हुजैफा के जरिए नेटवर्क से जोड़ा था। मुंबई के आरोपियों ने पंजाब से तीन अन्य ऑपरेटिव के दिल्ली आकर हमला करने की जानकारी दी तो 30 मई तड़के महरौली-बदरपुर रोड से हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, मनजीत सिंह को पकड़ा गया।
इनसे पाक से आए ग्रेनेड, पिस्टल और कारतूस मिले। इन्हें रकम और ठिकाने मुहैया करवाने वाले नेपाली नागरिक अंग कामी लामा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। लामा 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में ड्रग तस्करी में बंद था, जहां ये पाकिस्तानी एजाज रसूल और मोहम्मद सलीम उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा से मिला। वहां से छूटने के बाद भी ये झिंगाड़ा के टच में रहा। इस पूरी साजिश के पीछे मुंबई अंडरवर्ल्ड का दिमाग था, जिसे वह पंजाब के लुधियाना निवासी तीन आरोपियों के जरिए अंजाम दिलवाना चाहता था। चारों हैंड ग्रेनेड को एनएसजी से डिफ्यूज करवाया गया, जो पाक ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बनाए गए थे।

