सोशल मीडिया के जरिए फैलाते थे साइबर फ्रॉड का जाल

नवभारतटाइम्स.कॉम•
cyber fraud in the name of modeling fake call center busted in lucknow operator arrested
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: गुडम्बा पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए मॉडलिंग के नाम पर युवाओं को झांसा देकर रकम ऐंठने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर के संचालक शिवम श्रीवास्तव और संचालिका दीपिका सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के खिलाफ आईटी ऐक्ट में अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पता कर रही है।

इंस्पेक्टर गुडम्बा अनिल कुमार मिश्रा के मुताबिक सूचना मिली थी कि जानकी प्लाजा बिल्डिंग के प्रथम तल पर एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। देशभर के युवक-युवतियों को मॉडलिंग का झांसा देकर साइबर ठगी की जा रही है। पुलिस टीम ने शुक्रवार रात को वहां एक दुकान में छापेमारी की। वहां एक पुरुष और एक महिला काउंटर पर मौजूद मिले। जबकि दुकान के भीतर बने केबिननुमा हिस्से में करीब 10 युवतियां कॉलिंग का काम कर रही थीं। पूछताछ में काउंटर पर बैठे मिले शिवम श्रीवास्तव ने बताया कि वह और दीपिका सिंह मिलकर डीएसडी एंटरप्राइजेज नाम से कॉल सेंटर चलाते हैं।
पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह इंस्टाग्राम आईडी ‘dsdmodeling’ और फेसबुक पेज ‘DSD Models’ के माध्यम से मॉडलिंग के विज्ञापन प्रसारित करते थे। विज्ञापन देखकर आवेदन करने वाले युवक-युवतियों से कॉल सेंटर के जरिए संपर्क किया जाता था। पीड़ितों को झांसा दिया जाता था कि उनकी कंपनी नए तथा प्रोफेशनल मॉडल्स को काम दिलाने का कार्य करती है।

पोर्टफोलियाे तैयार करने के

नाम पर रुपये लिए जाते थे

आरोपितों ने बताया कि इच्छुक पीड़ित युवक-युवतियों से पहले 999 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता था। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि बड़े ब्रांड्स के लिए पोर्टफोलियो तैयार करना होगा। जिसके लिए 4000 रुपये ऑनलाइन जमा कराए जाते थे। ड्रेस,मेकअप आर्टिंस्ट,हेयर स्टाइलिस्ट,फैशन स्टाइलिस्ट व अन्य सुविधाएं दिलाने के नाम पर 25 रुपये लिए जाते थे। पीड़ितों को यह भी भरोसा दिलाया जाता था कि कंपनी की विभिन्न कंपनियों से टाईअप है और उन्हें मॉडलिंग से जुड़े अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

नहीं था कोई एमओयू

आरोपित झांसा देते थे कि उनका मित्रा, मीशो, फ्लिपकार्ट, कैम्पस, लैंसकार्ट, मान्यवर,तनिष्क, रेमंड जैसे कंपनीियों से टाइअप है। पुलिस ने उनसे इन कंपनियों से एमओयू के संबंध में दस्तावेज मांगे तो वे प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह बातें युवाओं का विश्वास जीतने के लिए बताई जाती थीं। पुलिस ने मौके से मिले बैंक खाते, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। मौके पर मिली कॉल करने वाली युवतियों की भूमिका के बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।

तीन राज्यों में दर्ज हैं शिकायत

पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर सत्यापन किया। आरोपित के बैंक अकाउंट्स और मोबाइल नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा से दर्ज शिकायतों में मॉडलिंग के नाम पर साइबर ठगी का जिक्र मिला है।

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