आरक्षण पर संवाद हो

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dialogue on reservation a question of social structure historical inequality and equal opportunity
देश में आरक्षण केवल सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सीटों का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक संरचना, ऐतिहासिक असमानता, प्रतिनिधित्व और समान अवसर से जुड़ा हुआ प्रश्न है। यही कारण है कि आरक्षण को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं और आज भी आरक्षण समर्थक तथा आरक्षण विरोधी अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने खड़े दिखाई देते हैं। वर्तमान में भी ऐसा ही हो रहा है। इसके फायदे और नुकसान की समीक्षा के बाद नई राह निकाली जानी चाहिए। देखना है कि आने वाले समय में क्या निकलकर आता है।

लोकेश शर्मा, लखनऊ