सनाथ रोड जैसा मॉडल रोकेगा जलभराव

नवभारतटाइम्स.कॉम
sanath road model will stop waterlogging in the city gmda directs
n NBT रिपोर्ट, सेक्टर-44

शहर में अब सड़क बनाने के साथ-साथ बारिश के पानी को रोड पर आने से रोकने और उसे मौके पर ही जमीन में उतारने पर जोर दिया जाएगा। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ बैठक में सनाथ रोड का मॉडल पूरे शहर में अपनाने के निर्देश दिए। सनाथ रोड पर सड़क के साथ ग्रीनबेल्ट का लेवल नीचे है। बारिश का पानी बायो-स्वेल में जाता है और वहां रुकने के बाद ही सरफेस ड्रेन में पहुंचता है। ऐसे में जलभराव नहीं होता है। सीईओ ने कहा कि जहां बारिश का पानी गिरता है, वहीं उसे अधिक से अधिक रोकने की व्यवस्था की जाए। कहा कि बिना निरीक्षण और स्वीकृति के पूरे काम को आगे बढ़ाने पर एजेंसी के बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा। जिस एजेंसी का काम संतोषजनक न हो, उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।