घर हो तो ऐसा

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हम रोजमर्रा की जिंदगी में हमेशा तैयार प्रॉडक्ट के लिए कीमत चुकाते हैं। लेकिन, घर जैसी बड़ी खरीदारी में बरसों इंतजार करने के लिए कैसे तैयार हो जाते हैं? अगर प्रॉजेक्ट बरसों तक लटका रहता है तो इसका असर सिर्फ वित्तीय नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी पड़ता है। दिल्ली और एनसीआर के लोग इसके गवाह हैं। घर-घर की इस कहानी को खत्म कैसे किया जाए, चीन ने इसका रास्ता दिखाया है। हमारे पड़ोसी मुल्क में भी कई दशकों से यही व्यवस्था चल रही थी, जिसमें बिल्डर मकान बनने से पहले ही उसकी बिक्री शुरू कर देते। खरीदारों से मिलने वाले पैसे से डिवेलपर नए प्रॉजेक्ट शुरू करते। 2021 में चीन के प्रॉपर्टी बाजार में बड़ा संकट आ गया और बड़े प्रॉजेक्ट बीच में ही रुक गए। जिन लोगों ने पहले से पैसा देकर बुकिंग कराई थी, उन्हें समय पर घर नहीं मिले। इससे खरीदारों में नाराजगी बढ़ी और कई जगह विरोध-प्रदर्शन भी हुए। चीन ने इससे सबक लेते हुए हाल में कई नए नियमों की घोषणा की। अब होम लोन तभी जारी किया जाएगा, जब हाउसिंग प्रॉजेक्ट पूरा हो जाएगा। सरकार चाहती है कि बिल्डर अधूरे प्रॉजेक्ट बेचकर लोगों से पैसा जुटाने पर कम निर्भर रहें।

चीन की तरह भारत को भी सिर्फ रेडी-टु-मूव घरों की बिक्री को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। आमतौर पर यह तर्क दिया जाता है कि निर्माण शुरू होने से पहले घर खरीदने पर ग्राहक को सस्ता सौदा मिलता है। असल में खरीदार तब केवल फ्लैट की शुरुआती कीमत देखता है, प्रॉजेक्ट पूरा होते-होते उसमें कई अन्य खर्चे जुड़ जाते हैं। निर्माण अवधि के दौरान खरीदार किराया भी देता रहता है। यदि वह पहले से EMI चुका रहा है, तो उसकी लागत और बढ़ जाती है। मकान अब रहने की जरूरत से ज्यादा निवेश का साधन बन चुके हैं। प्री-कंस्ट्रक्शन चरण में ही मकानों की बिक्री की अनुमति ने रियल एस्टेट में सट्टेबाजी जैसे निवेश को बढ़ावा दिया है।
आज अफोर्डेबल हाउसिंग का सपना पहुंच से बाहर होता जा रहा है। जो लोग भारी भरकम होम लोन के जरिये सपना पूरा करना चाहते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि रोजगार और कारोबारी परिवेश में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। इन हालात में दो से तीन दशक की अवधि वाले होम लोन जोखिमपूर्ण साबित हो सकते हैं। सरकार को अब से भी अपनी भूमि और आवासीय संपत्तियों की बिक्री तुरंत प्रभाव से रोकने की जरूरत है। इसकी जगह रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देना चाहिए, जिसमें हम सरकार के किरायेदार बनकर सम्मान के साथ रहें।