Eos 05 Satellite Launch Indias Eye In The Sky To Continuously Monitor Earth
नया सैटलाइट धरती की लगातार निगरानी करेगा
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली
इसरो ने शुक्रवार श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह 2:55 बजे GSLV रॉकेट ने उड़ान भरी और EOS-05 उपग्रह को उसकी निर्धारित सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा दिया। सुबह का समय और बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में लोग छाते लगाकर प्रक्षेपण देखने पहुंचे और वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ाया। मिशन से जुड़े एक वैज्ञानिक ने इसे ''आसमान से नजर रखने वाली आंख'' करार दिया। इसरो ने उन अटकलों को खारिज किया कि यह एक 'टोही उपग्रह' है।आमतौर पर पृथ्वी की तस्वीरें लेने वाले सैटलाइट अलग-अलग कक्षाओं में घूमते हुए तस्वीरें लेते हैं। EOS-05 की खास कक्षा उसे एक बड़े इलाके को बार-बार देखने की क्षमता देगी। इससे किसी क्षेत्र में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखना आसान होगा। मसलन किसी इलाके में बाढ़ आने, जंगलों में बदलाव होने या जमीन के इस्तेमाल में बदलाव जैसी गतिविधियों की निगरानी के लिए ऐसी तस्वीरें उपयोगी हो सकती हैं। EOS-05 के जरिए भारत की अर्थ ऑब्जर्वेशन यानी पृथ्वी पर नजर रखने की क्षमता और मजबूत होगी। इस तरह के उपग्रह खेती, जल संसाधन, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और देश के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों की निगरानी जैसे कामों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह सैटलाइट अंतरिक्ष से भारत और पृथ्वी के बड़े हिस्से की लगातार तस्वीरें और जानकारी जुटाने में मदद करेगा। सफल प्रक्षेपण पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजिनियरों को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी शुभकामनाएं दी।