Nvidia बढ़ाएगा सर्वर के दाम, क्या भारत में AI ढांचे पर होगा असर?

नवभारत टाइम्स
Nvidia बढ़ाएगा सर्वर के दाम, क्या भारत में AI ढांचे पर होगा असर?
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली: भारत में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिशें अब महंगी हो सकती हैं। खबरों के मुताबिक, एनवीडिया (Nvidia) अगले साल से अपने AI सर्वर की कीमतों में करीब 15% की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। इससे GPU क्लाउड प्रोवाइडर्स, डेटा सेंटर चलाने वालों और बड़ी कम्प्यूटिंग क्षमता तैयार करने वाली कंपनियों का खर्च बढ़ने की आशंका है। इंडस्ट्री के जानकारों ने चेतावनी दी है कि इस बढ़े हुए खर्च का कुछ बोझ आखिरकार ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है।

भारत इस वक्त प्राइवेट डेटा सेंटर्स, क्लाउड प्लैटफॉर्म्स और सरकारी प्रोग्राम्स के जरिए अपनी AI क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ा रहा है। हार्डवेयर की कीमतें बढ़ने से कंपनियों को अपनी विस्तार योजनाओं पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। नए काम टालने पड़ सकते हैं या फिर चिप के लिए दूसरे विकल्पों की तलाश करनी पड़ सकती है।
CloudPe के फाउंडर और सीईओ ईशान तलाठी ने TOI को बताया कि एनवीडिया की कीमतें काफी हद तक मांग और सामान की लागत पर निर्भर करती हैं। खासकर मेमोरी की कमी अभी बनी हुई है और अनुमान है कि 2027 तक इसकी कीमतें बढ़ती रहेंगी। तलाठी ने बताया कि एनवीडिया ने इसी महीने अपनी RTX प्रो 6000 सीरीज की कीमत 13,250 डॉलर से बढ़ाकर 16,000 डॉलर कर दी है। यानी सिर्फ दो महीनों में ही 20.8% की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि क्लाउडपे जैसे AI क्लाउड प्लैटफॉर्म के लिए GPU सर्वर सबसे बड़े खर्चों में से एक होते हैं। कीमतों में इस बदलाव का मतलब है कि सेटअप लगाने की कुल लागत में 10-12% की बढ़ोतरी होगी। क्लाउडपे को उम्मीद है कि अगले 12-18 महीनों में भारत में GPU क्लाउड की कीमतें 10-15% तक बढ़ सकती हैं, जब तक कि मेमोरी की सप्लाई में सुधार न हो या चिप के दूसरे विकल्प बाजार में न आ जाएं।