Sebis Demat 20 Launched Bond Transfer And Payments In A Snap New Features In Upi Too
चुटकी में होगा बॉण्ड ट्रांसफर और पेमेंट
नवभारत टाइम्स•
NBT रिपोर्ट, मुंबई
बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को ' डीमैट 2.0 ' का ऐलान किया। यह कॉरपोरेट बॉण्ड के टोकनाइजेशन (डिजिटल टोकन में बदलने) का एक पायलट प्रोजेक्ट है, जो एटॉमिक सेटलमेंट की सुविधा देता है जिससे लेन-देन तुरंत हो जाता है। डीमैट 2.0 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के यूनिफाइड मार्केट इंटरफेस (UMI) के जरिए आरबीआई की होलसेल CBDC (ई-रुपया/सेंट्रल बैंक डिजिटल करंसी) से जुड़ा हुआ है। वहीं, आरबीआई और एनपीसीआई ने ' UPI Tap & Pay ' और AI-संचालित ' MyUPI ' सपोर्ट पेश किया है।यह घोषणा ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा और सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने संयुक्त रूप से की। डीमैट 2.0 एक नया मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसे कॉरपोरेट बॉण्ड जारी करने, रखने, ट्रेड करने और उनका सेटलमेंट करने का नया तरीका परखने के लिए तैयार किया गया है।
इसमें बॉण्ड को डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर (DLT) पर एक डिजिटल टोकन के रूप में बनाया जाता है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक बयान में कहा, यह (डीमैट 2.0) एटॉमिक सेटलमेंट की सुविधा देता है। इसका मतलब है कि बॉण्ड और पैसा दोनों पलक झपकते ही एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। सेबी ने कहा कि इन सब सुविधाओं से कॉरपोरेट बॉण्ड जारी करना, उनका सेटलमेंट और प्रबंधन पहले से ज्यादा तेज, बेहतर और बिना किसी गलती के पूरा होने की उम्मीद है।
आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने ग्राहकों के लिए यूपीआई से जुड़े दो नए बदलावों का भी ऐलान किया। पहला पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) टर्मिनलों पर यूपीआई टैप एंड पे (Tap & Pay) और दूसरा MyUPI। MyUPI एक एआई-संचालित प्लैटफॉर्म है, जो NPCI के स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (FiMI) पर आधारित है।
यह पूरे यूपीआई इकोसिस्टम में भरोसा, सुरक्षा और सहूलियत बढ़ाने के लिए 'यूपीआई हेल्प' में कई समझदार बदलाव लाता है। पीओएस पर यूपीआई टैप एंड पे' सुविधा के जरिए यूजर अपने NFC वाले स्मार्टफोन को अनलॉक करके एनएफसी-सक्षम पीओएस मशीन पर सिर्फ टैप करके तेजी से पेमेंट कर सकते हैं।
इस सुविधा के लिए यूजर के फोन में इंटरनेट होना जरूरी नहीं है, क्योंकि ट्रांजैक्शन पीओएस मशीन के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करके पूरा हो जाता है। यह फीचर ग्राहकों के रोजमर्रा के पेमेंट को बेहद आसान और तेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
आधार को ग्लोबल लेवल पर ले जाने की तैयारी: UIDAI
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के CEO सौरभ विजय ने गुरुवार को कहा कि UIDAI आधार को ग्लोबल स्तर पर ले जाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि खास तौर पर अनिवासी भारतीयों (NRIs) और भारत के विदेशी नागरिकों को डिजिटल पहचान तकनीक का लाभ मिल सके।