अदालत सख्त

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court cannot use acquitted case as basis questions raised on district expulsion order
आधार नहीं बनाया जा सकता: जिस 2010 के मामले के आधार पर कार्रवाई की गई, उसमें आरोपी 2017 में ही बरी हो चुका था। कोर्ट ने कहा कि बरी हो चुके मामले को आधार नहीं बनाया जा सकता।

अंतर: 2020 के मामले और 2026 में जारी जिला बदर आदेश के बीच लगभग 6 साल का अंतर था, जिसका कोई तार्किक संबंध नहीं दिखा।