शादी से पीछे हटा युवक, SC ने कहा- यह धोखा नहीं है

Contributed byrajesh.choudhary,नई दिल्ली|नवभारतटाइम्स.कॉम
शादी से पीछे हटा युवक, SC ने कहा- यह धोखा नहीं है
नई दिल्ली : शादी का वादा करने के बाद अगर युवक पारिवारिक विरोध के कारण शादी से पीछे हटता है तो महज इस आधार पर उसे धोखाधड़ी या छलपूर्ण तरीके से संबंध बनाने का आरोपी नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का वादा कर संबंध) के तहत अपराध तभी बनता है जब यह दिखे कि आरोपी ने शादी का वादा करते समय ही उसे पूरा करने का इरादा नहीं रखा था। बाद में परिस्थितियां बदलने से शादी न हो पाना अपने आप में इस अपराध को साबित नहीं करता।

सोमवार 7 सितंबर को जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए गुजरात के वडोदरा स्थित सयाजीगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR रद्द कर दी। आरोपी ने गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें FIR रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। शिकायतकर्ता और आरोपी की मुलाकात एक डिजिटल प्लैटफॉर्म के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह संबंध प्रेम संबंध में बदल गया