ज्ञान के रास्ते सीमित न करें, चारों ओर से आने दें: योगी

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ज्ञान के रास्ते सीमित न करें, चारों ओर से आने दें: योगी
NBT न्यूज, लखनऊ

ज्ञान को कभी सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। हमारी परंपरा हमेशा ज्ञान के लिए हर दिशा से द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम की किताबें पढ़ लेना ही किसी को पूर्ण ज्ञानी नहीं बनाता। समाज और दुनिया को समझने के लिए विविध विषयों व विचारों से रूबरू होना जरूरी है। शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में नैशनल बुक ट्रस्ट की ओर से आयोजित 5वें गोमती पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही। सीएम ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और अभिलेखों के जरिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं पर लगने वाले आम आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया है या केवल सोशल मीडिया पर समय खराब कर रहा है। ऐसा कहना युवाओं के साथ अन्याय होगा। असल जरूरत उन तक पुस्तकें पहुंचाने की सुलभ व्यवस्था करने की है।' सीएम ने बच्चों को पीएम मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ बांटी।