नेपाल बाढ़: 130 भारतीय लापता, भारत का राहत अभियान तेज, विदेश राज्य मंत्री ने दी जानकारी
नेपाल बाढ़: 130 भारतीय लापता, भारत का राहत अभियान तेज, विदेश राज्य मंत्री ने दी जानकारी
NewsPoint•
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि करीब 130-132 भारतीय नागरिक लापता हैं, जिनका संपर्क नहीं हो पा रहा है। भारत की राष्ट्रीय राहत टीमें नेपाल में मौजूद हैं और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। भारत सरकार नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और ज्यादा से ज्यादा जानें बचाई जा सकें।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि नेपाल में आई यह आपदा बहुत दुखद है। कई लोगों की मौत की खबर है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उनका मुख्य लक्ष्य लापता लोगों को ढूंढना, उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना और जान बचाना है। भारत सरकार नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और राहत सामग्री भी भेजी जा रही है।कीर्ति वर्धन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने कहा, "नेपाल भारत का मित्र देश है और दोनों देशों के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध बेहद गहरे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच भाइयों जैसा रिश्ता है और मुश्किल समय में भारत हमेशा नेपाल की मदद के लिए आगे आया है। भारत नेपाल को हर संभव मदद देने की कोशिश कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। भारत और नेपाल की टीमें इस काम में लगी हुई हैं।
इसके साथ ही, कीर्ति वर्धन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों पर दिए बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत मजबूत और सही बयान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत घुसपैठियों के लिए कोई 'शेल्टर होम' नहीं है। देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। जो लोग अवैध तरीके से भारत में आते हैं, वे देश की व्यवस्थाओं पर बोझ डालते हैं। इसलिए सीमाओं को सुरक्षित और मजबूत बनाना बहुत आवश्यक है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा जरूरतमंद शरणार्थियों को पनाह दी है, लेकिन इसके लिए एक उचित व्यवस्था और तय प्रक्रिया होनी चाहिए। इसका मतलब है कि भारत मदद करेगा, लेकिन नियमों के तहत।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति गंभीर है और भारत सरकार इस संकट में अपने पड़ोसी देश की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। लापता भारतीयों की तलाश के लिए विशेष टीमें भेजी गई हैं। भारत सरकार का कहना है कि वह नेपाल के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि इस मुश्किल घड़ी से निपटा जा सके।
यह घटना भारत और नेपाल के बीच मजबूत संबंधों को भी दर्शाती है। संकट के समय में दोनों देश एक-दूसरे का साथ देते हैं। विदेश राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत की ओर से नेपाल को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे। यह दिखाता है कि भारत अपने पड़ोसी देश की मदद करने में पीछे नहीं हटेगा।
घुसपैठियों के मुद्दे पर मंत्री की टिप्पणी देश की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और अवैध प्रवेश को रोकना जरूरी है। लेकिन साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत मानवीय आधार पर जरूरतमंदों की मदद करने से पीछे नहीं हटेगा, बशर्ते कि इसके लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया हो। यह भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो सुरक्षा और मानवता दोनों का ध्यान रखती है।