एनआईए ने सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, भीड़ को उकसाने का आरोप
एनआईए ने सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, भीड़ को उकसाने का आरोप
NewsPoint•
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सीपीआई (माओवादी) के एक अहम सदस्य गाडे इन्नैया के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। उस पर प्रतिबंधित संगठन के एक मृत सदस्य के अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ को गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप है। एनआईए ने जांच में मिले सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की है।
नई दिल्ली, 18 जून: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को सीपीआई (माओवादी) के एक बड़े सदस्य गाडे इन्नैया उर्फ गाडे इन्ना रेड्डी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। उस पर आरोप है कि उसने एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के मरे हुए सदस्य के अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ को भड़काया और गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। यह चार्जशीट हैदराबाद के नामपल्ली में एनआईए की स्पेशल कोर्ट में दायर की गई है। इसमें गाडे इन्नैया पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए ने जांच में मिले सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की है।
एनआईए की जांच में पता चला है कि गाडे इन्नैया को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। उसने अक्टूबर 2025 में सीपीआई (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के सदस्य कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार के मौके पर कुछ भड़काऊ बातें कही थीं। उस समय अंतिम संस्कार में करीब 200 लोग जमा हुए थे। गाडे इन्नैया ने इन लोगों को सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा को आगे बढ़ाने और क्रांति को कभी खत्म न करने के लिए उकसाया था। उसने उन पूर्व सीपीआई (माओवादी) कैडरों की भी कड़ी आलोचना की थी जिन्होंने सरकारी एजेंसियों के सामने हथियार डाल दिए थे।एनआईए की जांच से यह भी सामने आया है कि गाडे इन्नैया माओवादी के कई बड़े नेताओं के संपर्क में था और छत्तीसगढ़ के जंगलों में उनसे मिलता था। इसके अलावा, वह 'भारत बचाओ' नाम के एक संगठन के जरिए आतंकी संगठन की विचारधारा फैलाने में भी सक्रिय था। यह संगठन सीपीआई (माओवादी) का ही एक फ्रंटल संगठन है, यानी उसके नाम पर काम करने वाला संगठन। गाडे इन्नैया इस 'भारत बचाओ' संगठन का सह-संस्थापक भी था। एनआईए ने इस मामले में तकनीकी और अन्य सबूतों को इकट्ठा किया है, जिनके आधार पर चार्जशीट तैयार की गई है। यह चार्जशीट यूएपीए, 1967 की धाराओं के तहत दाखिल की गई है, जो देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालने वाले संगठनों से निपटने के लिए बनाए गए कानून हैं।