भारत फ्रांस मिलकर लॉन्च करेंगे 'तृष्णा' सैटेलाइट, जल खाद्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
भारत-फ्रांस मिलकर लॉन्च करेंगे 'तृष्णा' सैटेलाइट, जल-खाद्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
NewsPoint•
भारत और फ्रांस मिलकर अगले साल 'तृष्णा' सैटेलाइट लॉन्च करेंगे। यह मिशन दुनिया में जल और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। यह परियोजना दोनों देशों के सहयोग का विस्तार है।
पेरिस, 18 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत और फ्रांस अगले साल मिलकर 'तृष्णा' नाम का एक सैटेलाइट लॉन्च करेंगे। यह सैटेलाइट दुनिया भर में पानी और खाने की सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सैटेलाइट प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे सहयोग का एक स्वाभाविक कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल पेरिस में और इस साल दिल्ली में हुई एआई (Artificial Intelligence) समिट्स ने इस साझेदारी को और भी मजबूत किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज से 50 या 100 साल बाद जब इस समय को याद किया जाएगा, तो इसे भारत की बड़ी-बड़ी उम्मीदों और सपनों का दौर माना जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का भारत भविष्य के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। भारत उन सभी क्षेत्रों में निवेश कर रहा है जो आने वाले कई दशकों की दिशा तय करेंगे। हाल ही में नीस में हुए 'इंडिया इनोवेट्स' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने दुनिया को भारत की डीप-टेक (Deep-Tech) यानी गहरी तकनीकी क्षमताओं से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि भारत के 120 प्रमुख डीप-टेक स्टार्टअप्स ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान करीब 1,400 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) यानी व्यापारिक बैठकें हुईं, जिनसे दुनिया भर में सहयोग और नए विचारों को बढ़ावा मिला।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देशों के बीच रिश्ते सिर्फ व्यापार पर ही नहीं, बल्कि भरोसे पर भी टिके होते हैं। उन्होंने कहा कि हर देश भरोसेमंद सप्लाई चेन (Supply Chain) यानी सामान की आपूर्ति की एक स्थिर व्यवस्था और एक स्थिर साझेदार चाहता है। भारत दुनिया भर में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में उभर रहा है। एवियन में हुई जी7 (G7) बैठक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने वहां भरोसे पर आधारित साझेदारी की बात रखी। उन्होंने ग्लोबल साउथ (Global South) यानी विकासशील देशों के साथ समान सहयोग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन में भारत का संदेश बिल्कुल साफ था कि वैश्विक शासन (Global Governance) तभी प्रभावी होगा जब वह सबको साथ लेकर चले। वैश्विक विकास तभी टिकाऊ होगा जब उसका फायदा सभी को मिले। और तकनीक तभी मानवता के लिए फायदेमंद होगी जब उस पर भरोसा किया जा सके।
पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल (Digital) उपलब्धियों का भी खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 90 करोड़ लोगों के लिए यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी (Unique Digital Health ID) बनाई जा चुकी है। इससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंच पाती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक यह सोचना भी मुश्किल था कि दूर-दराज के गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट (High-Speed Internet) पहुंचेगा, लेकिन आज यह हकीकत बन चुका है।
पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद खुशी और गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक यादगार पल था। पीएम मोदी की मौजूदगी ने उन्हें अपने देश से और भी करीब महसूस कराया, भले ही वे हजारों किलोमीटर दूर रह रहे हों। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक् स' (X) पर लिखा, "कुछ समय पहले पेरिस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। मैं India और फ्रांस को और करीब लाने में उनके प्रयासों पर गर्व महसूस करता हूं। भारत-फ्रांस साझेदारी हमारे ग्रह की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।"
इससे पहले दिन में पीएम मोदी ने यूरोप के सबसे बड़े तकनीक और नवाचार सम्मेलनों में से एक 'वीवाटेक 2026' (VivaTech 2026) को संबोधित किया था। उन्होंने एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया और कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। 'तृष्णा' सैटेलाइट मिशन भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते सहयोग का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो भविष्य में जल और खाद्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा। यह मिशन दिखाता है कि कैसे दो देश मिलकर विज्ञान और तकनीक के माध्यम से दुनिया को बेहतर बना सकते हैं। भारत की डीप-टेक क्षमताएं और डिजिटल क्रांति दुनिया भर में सराही जा रही है, जो देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। पीएम मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करता है।