चंडीगढ़ में बड़ा ड्रग तस्करी मॉड्यूल भंडाफोड़: वकील और महिला गिरफ्तार, 793 ग्राम मेथामफेटामाइन जब्त

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और चंडीगढ़ पुलिस ने मिलकर एक बड़े ड्रग तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पंजाब के खरड़ में एक वकील के पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए। एक फ्लैट से भी बड़ी खेप बरामद हुई। इस मामले में एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है।

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चंडीगढ़, 18 जून: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और चंडीगढ़ पुलिस ने मिलकर एक बड़े ड्रग तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस संयुक्त कार्रवाई में पंजाब के खरड़ में सक्रिय एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसके अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने का शक है. पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 93 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 10 ग्राम हेरोइन मिली. आगे की जांच में खरड़ के एक फ्लैट से 700 ग्राम मेथामफेटामाइन और 250 ग्राम पोस्ता भूसा भी बरामद हुआ. कुल मिलाकर 793 ग्राम मेथामफेटामाइन, 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्ता भूसा जब्त किया गया है. जब्त की गई मेथामफेटामाइन की मात्रा एनडीपीएस अधिनियम के तहत तय की गई व्यावसायिक मात्रा से करीब 16 गुना ज्यादा है. इस मामले में आरोपी के साथ रह रही एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है.

यह बड़ी कामयाबी नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है. एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट और चंडीगढ़ पुलिस ने मिलकर यह विशेष ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने एक संदिग्ध गाड़ी को रोका. गाड़ी चला रहा व्यक्ति पेशे से वकील है. जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो उन्हें उसमें से 93 ग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे 'आइस' भी कहते हैं, और 10 ग्राम हेरोइन मिली.
शुरुआती पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर, जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया. उन्होंने तुरंत पंजाब के खरड़ में एक फ्लैट पर छापा मारा. इस फ्लैट की तलाशी लेने पर अधिकारियों को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिले. यहां से उन्हें 700 ग्राम मेथामफेटामाइन और 250 ग्राम पोस्ता भूसा मिला. पोस्ता भूसा अफीम का एक हिस्सा होता है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थ बनाने में किया जाता है.

इस पूरी कार्रवाई में कुल मिलाकर 793 ग्राम मेथामफेटामाइन, 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्ता भूसा जब्त किया गया. जब्त की गई मेथामफेटामाइन की मात्रा इतनी ज्यादा है कि यह नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत तय की गई व्यावसायिक मात्रा से लगभग 16 गुना अधिक है. यह बात इस मामले की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाती है.

जांच के दौरान, पुलिस को फ्लैट में आरोपी के साथ एक महिला भी मिली. पूछताछ और मिले सबूतों के आधार पर, पुलिस ने उस महिला को भी गिरफ्तार कर लिया. उस पर अपराध में मदद करने और ड्रग तस्करी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आरोप है.

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है. वे इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. एनसीबी की जांच में यह भी पता चला है कि मुख्य आरोपी का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है. उसके खिलाफ 25 दिसंबर 2023 को चंडीगढ़ के सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन में एक फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी. यह एफआईआर भी नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में ही दर्ज हुई थी. यह घटना दर्शाती है कि ड्रग तस्कर किस तरह से समाज में अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश करते हैं और कैसे कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार उनसे लड़ रही हैं.