शिवसेना (यूबीटी) में टूट पर किशोर पाटिल का सवाल: संजय राउत आत्मचिंतन करें, 90% शिवसैनिक शिंदे के साथ
शिवसेना (यूबीटी) में टूट पर किशोर पाटिल का सवाल: संजय राउत आत्मचिंतन करें, 90% शिवसैनिक शिंदे के साथ
NewsPoint•
शिवसेना विधायक किशोर पाटिल ने शिवसेना (यूबीटी) में हो रही टूट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संजय राउत से आत्मचिंतन करने की सलाह दी है। पाटिल ने कहा कि कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 90 प्रतिशत शिवसैनिक एकनाथ शिंदे के साथ हैं।
जलगांव, 18 जून: शिवसेना विधायक किशोर पाटिल ने शिवसेना (यूबीटी) में लगातार हो रही टूट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए कि आखिर उनके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि संजय राउत को यह सोचना चाहिए कि अन्य दलों के साथ ऐसा क्यों नहीं होता। पाटिल ने कहा कि गणेश नाइक, छगन भुजबल, नारायण राणे और एकनाथ शिंदे जैसे बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। क्या ये सभी गलत थे और सिर्फ संजय राउत ही सही हैं? यह संभव नहीं है। उन्होंने संजय राउत को सलाह दी कि वे उलटी-सीधी बयानबाजी करने के बजाय पार्टी में हो रही टूट के असली कारणों का पता लगाएं।
किशोर पाटिल ने कहा कि संजय राउत के बयानों के विपरीत, आज 90 प्रतिशत शिवसैनिक एकनाथ शिंदे के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कार्यकर्ताओं की जरूरत होती है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) के पास अब कार्यकर्ता ही नहीं बचे हैं। जब सारे नेता और कार्यकर्ता चले गए हैं, तो वे किससे बात कर रहे हैं और किसे निर्देश देने की कोशिश कर रहे हैं?संजय राउत द्वारा शिवसेना सांसदों को धमकी दिए जाने के सवाल पर किशोर पाटिल ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संजय राउत तो दूर, कोई भी शिवसेना के सांसदों को हाथ नहीं लगा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को शिवसेना का स्थापना दिवस है और उसी दिन ये सांसद उनके साथ (शिवसेना) दिखाई देंगे। यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों के बीच आया है। इन सांसदों के पार्टी छोड़ने की संभावना पर संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और इन सांसदों को सबक सिखाने की अपील की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने सांसदों के लिए अपशब्दों का प्रयोग भी किया था।
किशोर पाटिल ने इस बात पर जोर दिया कि शिवसेना (यूबीटी) में हो रही टूट कोई एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है जिस पर पार्टी के नेताओं को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण के तौर पर उन बड़े नेताओं के नाम लिए जो पार्टी छोड़ चुके हैं। पाटिल का मानना है कि इन सभी नेताओं का पार्टी छोड़ना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं नेतृत्व में कमी है या नीतियों में कोई समस्या है।
विधायक ने यह भी कहा कि संजय राउत का यह दावा कि उनके पास कार्यकर्ता नहीं बचे हैं, इस बात का प्रमाण है कि पार्टी का जमीनी स्तर पर जुड़ाव कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता ही साथ नहीं हैं, तो पार्टी का भविष्य क्या होगा? यह एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संजय राउत को सलाह दी कि वे अपनी ऊर्जा व्यर्थ के बयानों में खर्च करने के बजाय पार्टी को फिर से मजबूत करने के तरीकों पर ध्यान दें।
किशोर पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना के सांसदों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिवसेना के सांसद पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और किसी भी तरह के दबाव या धमकी का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने शिवसेना के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिन पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है और उस दिन सभी सांसद एकजुट होकर अपनी निष्ठा जाहिर करेंगे। यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर तब जब पार्टी पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रही है।