राम मंदिर चंदा विवाद: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उठाए सवाल, Sit जांच पर जताई आपत्ति
राम मंदिर चंदा विवाद: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उठाए सवाल, SIT जांच पर जताई आपत्ति
NewsPoint•
अयोध्या के राम मंदिर में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भ्रष्टाचार काफी दिनों से चल रहा है और इसके तार दिल्ली से जुड़े हैं।
लखनऊ, 18 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या में राम मंदिर में अव्यवस्था और कथित चंदा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर परिसर में भीषण गर्मी में लोगों के पैर जल रहे थे और कहीं भी कालीन नहीं बिछाई गई थी, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। राय ने इस मामले की एसआईटी जांच पर भी आपत्ति जताई और इसकी जगह हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंदा, जमीन और अब चढ़ावा की चोरी हो रही है, जिसका हिसाब नहीं रखा जा रहा है।
हनुमान गढ़ी दर्शन के बाद राम मंदिर पहुंचे अजय राय ने वहां की अव्यवस्थाओं को सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जोड़ा। उन्होंने कहा, "इतनी भीषण गर्मी में मंदिर परिसर में चलते वक्त लोगों के पैर जल रहे थे। कहीं कोई कालीन नहीं दिखाई दी। बाहर से ही भ्रष्टाचार की शुरुआत दिखाई दे रही है।" स्थानीय लोगों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि यह भ्रष्टाचार काफी समय से चल रहा है और इसमें बड़े लोग शामिल हैं, जिनके तार दिल्ली तक जुड़े हुए हैं। राय ने आरोप लगाया कि मंदिर के निर्माण में लगे लोगों ने पहले चंदा, फिर जमीन और अब चढ़ावा की चोरी की है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा का कोई हिसाब नहीं होता और लोग जो दान करते हैं, उसे ये लोग चुरा रहे हैं।अजय राय ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां शंकराचार्य को पूजा करनी चाहिए थी, वहां प्रधानमंत्री खुद पहुंच गए और इसका श्रेय लेने की कोशिश की। उन्होंने याद दिलाया कि मंदिर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाया गया था, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रयास से। अब जब चढ़ावा चोरी हो रहा है, तो यह सब धन के बंटवारे को लेकर हो रहा है।
इस मामले की एसआईटी जांच पर अजय राय ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि जांच में शामिल अधिकारी खुद ही संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "जिसकी खुद की जांच चल रही है, वह जांच क्या करेगा?" इसलिए, उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के एक सिटिंग जज से कराई जाए, जो निष्पक्ष हो सके।
पार्टियों में टूट और नेताओं के दल बदलने के मुद्दे पर अजय राय ने यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर के कांग्रेस-सपा के 20 सांसदों के संपर्क में होने के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि वे अपने लोगों को बर्बाद कर रहे हैं। राय ने कहा कि ऐसे मंत्री खुद को लोगों के संपर्क में होने का दावा करते हैं, लेकिन असल में उनके संपर्क में कोई सांसद नहीं है।
भाजपा के सत्ता में आने के बाद राजनीति के व्यवसायीकरण और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोपों पर अजय राय ने कहा कि जब से भाजपा आई है, पूरे राजनीति का व्यवसायीकरण हो गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रष्टाचार में शामिल कर दिया गया है और इसका पूरा श्रेय भाजपा को जाता है।
अंत में, अजय राय ने बताया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी का जन्मदिन अनाथालय, वृद्धाश्रम और यतीम खाने में मनाएगी और वहां यथासंभव सहयोग भी देगी।