उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम परिवर्तन, बारिश और बर्फबारी की संभावना

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Navbharat Times
देहरादून, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड में मानसून के खत्म होने के बाद मौसम ने एक बार फिर से बदलाव किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि येलो अलर्ट वाले जिलों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर उन लोगों को जो खुले स्थानों और संवेदनशील इलाकों में रहते हैं, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए।

सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे हैं। कई जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इस परिवर्तन के चलते तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का असर मैदानी इलाकों से अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों में उत्तराखंड के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना के साथ-साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी बात की है।
4,200 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। पिछले शनिवार को उत्तराखंड से मानसून विदा हो गया था, और अब पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव के आसार बने हैं। मौसम में बदलाव देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग भी सतर्क हैं।

बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में सड़क पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के तारों से जुड़े हादसे भी हो सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।

आने वाले दिनों में लोग बारिश, तेज हवाएं और बर्फबारी का सामना कर सकते हैं। यह समय है जब हमें अपने आसपास की स्थितियों पर ध्यान देना चाहिए और सुरक्षा के सभी उपाय करने चाहिए।

इस तरह, उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और मौसम में होने वाले अचानक बदलाव का सामना करने के लिए तैयार रहें।