ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा, केंद्रीय मंत्री सिंधिया की पहल से निवेश और रोजगार में होगी वृद्धि

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Navbharat Times
भोपाल, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) अब आकार ले रहा है। यह केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की खास पहल है। इस परियोजना का भूमिपूजन समारोह 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मौजूदगी में होगा। इसका उद्देश्य ग्वालियर को टेलीकॉम विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। इससे न केवल औद्योगिक निवेश आएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (एसएडीए) में स्थित होगी। इसे केवल औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी 24 से अधिक विनिर्माण इकाइयों को विकसित करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया नियमित रूप से इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। बुनियादी ढांचे, निवेश और भूमि जैसे विभिन्न पहलुओं पर काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, "टीएमजेड केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है।"
इस परियोजना के अंतर्गत टेलीकॉम उपकरणों का निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और डिजाइन जैसी गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा। टीएमजेड को एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस मॉडल के तहत कंपनियों को सभी जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएंगी, ताकि वे जल्दी से अपनी विनिर्माण गतिविधियां शुरू कर सकें। इसके साथ ही, यहां तकनीक में नवीनतम जैसे ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5जी/6जी टैक्नोलॉजी का भी विस्तार होगा।

इस पहल से भारत में टेलीकॉम उत्पादों के निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इससे भारत की उत्पादन क्षमता और वैश्विक विनिर्माण श्रृंखला में भागीदारी मजबूत होगी। सिंधिया ने ध्यान दिया है कि इससे ग्वालियर में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों के दौरान परियोजना की संभावनाओं और निवेश के मामलों पर चर्चा हुई।

ग्वालियर में टीएमजेड की स्थापना को लेकर जुलाई 2026 में केंद्रीय दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। दिल्ली में रोड शो के दौरान उद्योगों की ओर से 3,500 करोड़ रुपए के निवेश का आश्वासन मिला, जिससे 14,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई। वहीं, मुंबई में 2,000 करोड़ रुपए के निवेश का भरोसा दिया गया और 4,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई। बेंगलुरू में आयोजित बैठक में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियों के साथ निवेश के बारे में बातचीत हुई। इस बैठक में निवेशकों ने करीब 700-800 करोड़ रुपए के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव दिए।

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप टीएमजेड के लिए 5,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह परियोजना ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने हाल ही में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्वालियर के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का विश्लेषण किया और निवेशकों की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि कार्यों को सुनिश्चित समय पर पूरा करने की आवश्यकता है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र सरकार 493 करोड़ रुपए की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी लगभग 170 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है। परियोजना का क्रियान्वयन एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) के द्वारा होगा, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह साझेदारी स्थिति के अनुसार परियोजना के समय पर क्रियान्वयन और औद्योगिक ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सिंधिया ने अपने प्रयासों को न केवल स्थानीय औद्योगिक विकास के लिए, बल्कि युवाओं को रोजगार और तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए भी आवंटित किया है। इस प्रोजेक्ट के चलते नई उद्यमिता के अवसर भी सृजित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "आत्मनिर्भर भारत" और "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" का विजन इस परियोजना के साथ जुड़ता है। ग्वालियर में बना यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन न केवल मध्य प्रदेश की वैभव के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक नए समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कुल मिलाकर, टीएमजेड ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का इरादा रखता है। इससे ना केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ होगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस पहल के साथ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक और रोजगार सृजन के लिए अपनी निरंतर निगरानी जार्ड रखी है।

यह परियोजना न केवल ग्वालियर को एक टेलीकॉम उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश के लिए भी विकास का एक नया द्वार खोलेगी। इससे जुड़े हितधारकों और सरकारी प्रवृत्तियों से सभी को उम्मीद है कि यह पहल सफलतापूर्वक फल-फूल सकेगी। यह ग्वालियर की नई पहचान बनाने की दिशा में एक प्रमुख कदम है। --आईएएनएस डीकेपी/

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