केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ आरोप पर कपिल सिब्बल का वीडियो शेयर किया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ आरोप पर कपिल सिब्बल का वीडियो शेयर किया
NewsPoint•
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस के "वोट चोरी" के आरोपों पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने संसद में स्पष्ट रूप से बताया था कि वोटर लिस्ट से नाम कैसे हटाए जाते हैं। रिजिजू ने अपने "एक्स" पर पोस्ट में कपिल सिब्बल का एक पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें वे केंद्रीय कानून मंत्री के रूप में सदन को संबोधित कर रहे हैं। उनका कहना था कि सिब्बल का यह पुराना बयान कांग्रेस के आरोपों को झूठा साबित करता है। रिजिजू ने लिखा, "मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वह हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों को बचाते हुए पाए जाते हैं। पहली बार मुझे वह पसंद आए क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के रूप में संसद में अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी वोट चोरी ड्रामे को उजागर किया है।"
रिजिजू का यह बयान उस समय आया है जब बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोटर लिस्ट और नाम हटाने को लेकर राजनीतिक टकराव चल रहा है। वीडियो में कपिल सिब्बल यह बताते हुए नजर आ रहे हैं कि किन परिस्थितियों में वोटर सूची से नाम हटते हैं। उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि नामों को हटाना तीन श्रेणियों में आता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे में चला जाता है, तो उसका नाम हटा दिया जाएगा। वह अभी भी रहेगा लेकिन वह दूसरे विधानसभा क्षेत्र में मतदाता होगा। या उसका नाम दो जगह है, वह अपना निवास बदल सकता है, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम बना रहता है। तब उनमें से एक को रद्द करना पड़ता है। और तीसरा यह कि क्या वह मर गया है। ये तीन श्रेणियां हैं जिनके तहत नाम हटाए जाते हैं।"सिब्बल ने यह भी बताया कि जो लोग गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनके पास विकल्प है। उन्होंने कहा, "जिन व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, वे चुनाव अधिकारी के पास जाकर उनसे अपना नाम दर्ज करने के लिए कह सकते हैं।" इसी तुलना में, किरेन रिजिजू ने सिब्बल के इस बयान को आधार बनाकर कांग्रेस के आरोपों को चुनौती दी। उन्हें विश्वास है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की एक तय प्रक्रिया होती है। यदि किसी का नाम गलती से हटता है, तो वह चुनाव अधिकारियों के पास जाकर फिर से रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
रिजिजू के इस बयान ने कांग्रेस के आरोपों को नया मोड़ दिया है। दोनों पार्टियों के बीच यह टकराव अब और भी तीव्र होता जा रहा है। एक तरफ, कांग्रेस का आरोप है कि वोटर लिस्ट से उनके समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी इसे एक प्रक्रिया के तहत सही ठहरा रही है। यह मामला चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है कि क्या वास्तव में वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं, या यह सब राजनीतिक ड्रामा है।
इस तरह से, किरेन रिजिजू ने अपने बयान के जरिए न केवल कपिल सिब्बल के पुराने बयान को सामने रखा, बल्कि कांग्रेस के आरोपों को भी खारिज करने की कोशिश की है। राजनीतिक जगत में ऐसे आरोपों का समाधान होना आवश्यक है ताकि मतदाताओं की निष्पक्षता बनी रहे। यह देखने वाली बात होगी कि आगे कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।