उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर मंत्रियोें का हमला, 2027 चुनाव में भाजपा का बढ़ता विश्वास
उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर मंत्रियोें का हमला, 2027 चुनाव में भाजपा का बढ़ता विश्वास
NewsPoint•
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य लोगों को भ्रमित करना है। यह बयान तब आया जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "अब हमारी नजर तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है।" उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब भी सपा को हार का सामना करना पड़ता है, वह संवैधानिक संस्थाओं को दोषी ठहराती है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2027 में भारी बहुमत के साथ जीतने के लिए तैयार है और विपक्ष इसे अच्छे से समझ चुका है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा विधान परिषद की 11 सीटें और राज्यसभा की 8 सीटें जीतने जा रही है। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव 403 की बात कर रहे हैं, लेकिन वे पहले 100 सीटें पार करने के लिए भी संघर्ष करते थे।" उन्होंने 2022 में सपा की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार देखते हैं, "क्या उनकी साइकिल अर्धशतक भी लगा पाती है या नहीं।"मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव की बातें अक्सर उल्टी साबित होती हैं। उन्होंने कहा, "मैं 2014 से ऐसा ही देख रहा हूं।" वहीं, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "पहले उन दोनों को आपस में लड़ने दीजिए, फिर जो भी जीतेगा, भाजपा उससे निपट लेगी।"
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि वे अपने बलबूते पर उम्मीदवार उतारेंगे और सबको चौंका देंगे, लेकिन जब असर दिखाने का समय आया, तो उनके पटाखे फुस्स हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के नेता लोगों को भ्रमित करने की राजनीति कर रहे हैं। उनका कहना था, "समाजवादी पार्टी ‘भ्रम’ और ‘नफरत’ की राजनीति करती है।"
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि सपा और पूरी विपक्ष का एजेंडा सिर्फ भ्रम फैलाना है। उनका मानना है कि उन्हें अपनी संख्या का अभाव है। साथ ही, जहां उनके पास संख्या है, वहां उनके विधायकों में आपसी मतभेद बहुत ज्यादा हैं।
राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने सपा पर आरोप लगाया कि वे लगातार अपने ही बयानों से मुकरते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "विपक्ष अपनी जमीन खोते हुए और अपनी ही कही बातों से पीछे हटते हुए नजर आ रहे हैं।"
यह पूरी स्थिति उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ की ओर इशारा करती है। भाजपा का यह विश्वास है कि वे आने वाले समय में सपा और विपक्ष को कड़ी टक्कर देंगे। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि अगले चुनावों में सपा का क्या हाल होता है। जनता को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें किस राह पर चलना है।