योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य: लखनऊ को एआई इनोवेशन सिटी बनाना, 50 स्टार्टअप स्थापित करने का प्रस्ताव

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लखनऊ, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, कंप्यूटिंग और डीप टेक्नोलॉजी का मुख्य केंद्र बनाने का इरादा जताया है। मंगलवार को एचसीएल टेक के 10वें स्थापना दिवस पर, उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में लखनऊ को भारत की टॉप AI इनोवेशन सिटी बनाना है। इसके लिए कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप को स्थापित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाने का एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने एचसीएल को इस मिशन में सहयोग देने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 6,000 सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके बनने की उम्मीद है। उन्होंने नया इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर भी शुरू किया। यहां छात्रों, शिक्षकों, पेशेवरों और सरकारी अधिकारियों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
एचसीएल टेक लखनऊ के परिसर में पहले से ही 12,520 से ज्यादा टेक कर्मचारी मौजूद हैं और 6,000 से अधिक फ्रेशर्स को नौकरी मिली है। टेकबी कार्यक्रम के जरिए 2,200 से अधिक युवा इंडस्ट्री रेडी स्किल और तकनीकी करियर से जुड़े हैं। योगी ने कहा कि एक दशक पहले, आईटी और आईटीईएस के जरिए यूपी से 12 से 15 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होता था, जबकि अब यह एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच गया है।

उन्होंने आगे बताया कि अगले चार साल में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्यात में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह 3,800 करोड़ से बढ़कर 45 हजार करोड़ रुपए हो गया है, और 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सेदारी 55 प्रतिशत है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में 60 प्रतिशत है।

योगी ने लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में चल रहे आईटी पार्क्स के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूपी में सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भी हैं और वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। नोएडा और लखनऊ को डीप टेक हब के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि 10 साल पहले यूपी के युवाओं को करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या हैदराबाद जाना पड़ता था। आज का युवा लखनऊ में रहकर नई टेक्नोलॉजी बना रहा है और विश्व स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने एचसीएल के कर्मचारियों को यूपी का ब्रांड एंबेसडर बताया और कहा कि "शिव नादर ने एचसीएल की यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश से की थी, जो आज वैश्विक बन चुकी है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में एचसीएल ने अपने कार्यक्रम 3 हजार से अधिक गांवों में चलाए हैं, जिससे 50 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक दशक पहले यूपी की छवि बहुत खराब थी। उस समय लोग काम करने के लिए दिल्ली और मुंबई जाने को मजबूर थे।

उन्होंने याद दिलाया कि "पहले यूपी का पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से थी। आज यह ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ से पहचान बना चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि बलिया से बिजनौर तक 1,200 किलोमीटर की यात्रा अब 10 घंटे में पूरा हो जाता है, जबकि पहले इसमें 10 दिन लगते थे।

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन पर पहले सवाल उठाए गए। लेकिन आज लोग देख रहे हैं कि "डीबीटी से दिल्ली या लखनऊ से गरीब के लिए निकला पैसा शत प्रतिशत उसके खाते में पहुंच रहा है।"

एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने यूपी को एचसीएल की कर्मभूमि बताया और कहा कि "जब एचसीएल के टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग का सपना बहुत से लोगों को हास्यास्पद लगा, तब उत्तर प्रदेश ने युवा उद्यमियों को वैश्विक संस्थान बनाने का मौका दिया।"

उन्होंने बताया कि नोएडा आज कंपनी का ग्लोबल मुख्यालय है। एचसीएल ने स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम में एचसीएल फाउंडेशन से जुड़े 57 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें से पांच विशिष्ट लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी ने मंच पर सम्मानित किया।

प्रतिमा देवी को 1.5 लाख रुपए मूल्य का रोटावेटर और हैरो तथा छिद्दो देवी को 50 हजार रुपए की रस्सी निर्माण और फ्लैटनिंग मशीन प्रदान की गई। डेयरी आधारित रोजगार के लिए रोशनी को 30 हजार रुपए की अनुदान राशि मिली। आईएसओ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यूपी का प्रतिनिधित्व करने वाली चांदनी सिंह और क्लबफुट उपचार के लिए मास्टर लवकुश को भी सम्मानित किया गया।

एचसीएल टेक लखनऊ में ग्लोबल प्रोजेक्ट पर कार्यरत रचना राव ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उनमें आत्मविश्वास आया है। "पहले मैं बोल नहीं पाती थी, लेकिन अब आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी बात रख पा रही हूं।" उन्होंने आशा जताई कि आगे भी बहुत कुछ करने का मौका मिलेगा।

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