ईडी प्रारंभ करती है पंजाब के Chief Minister भगवंत मान की पत्नी से जुड़े 5 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले की जांच

NewsPoint•
chief minister 5
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मामले में अब ईडी (Enforcement Directorate) ने जांच को तेज कर दिया है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री के साले और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध व्यक्ति अमरदीप सिंह ग्रेवाल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अमरदीप ग्रेवाल, जो पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं, उनकी कंपनी ने हाल ही में 'मौजां ही मौजां' और 'स्नोमैन' जैसी फिल्में बनाई हैं। यह मामला एक रेप केस को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने के आरोप से जुड़ा है।

आरोप है कि ग्रेवाल ने एक रेस्टोरेंट में मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरि चहल के साथ मिलकर आरोपी के पक्ष में काम करने के लिए इस रकम की डील की। आरोपों के मुताबिक, ग्रेवाल ने मुख्यमंत्री की पत्नी की तस्वीर दिखाकर अपनी पहुंच का हवाला दिया। इसके बाद आरोपी को दो महीने में छोड़कर अमेरिका भेज दिया गया। हालांकि, अब तक इन सभी आरोपों को अदालत में साबित नहीं किया गया है।
डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिक्रम मजीठिया, हरसिमरत कौर बादल और खैरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ फर्जी ऑडियो, तस्वीरों और CCTV फुटेज के जरिए उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। चंडीगढ़ सिविल कोर्ट ने इस मामले में असत्यापित मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन पर अंतरिम रोक लगाई है। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा का अधिकार भी महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब सरकार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट देने के लिए कहा है। शिकायत में कहा गया कि यह मामला पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार का उल्लंघन करता है।

ईडी अब इस 5 करोड़ रुपये के लेन-देन के वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। ईडी को आशंका है कि फिल्म प्रोडक्शन कंपनी के खातों या फिल्मों की ओवरसीज रिलीज से जुड़े पैसों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इस जांच के लिए अमरदीप ग्रेवाल को समन भेजा गया है। एजेंसी ने उनके प्रोडक्शन हाउस के बैंक खातों, विदेशी निवेश और फिल्मों की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।

ईडी की जांच का मुख्य फोकस कथित 5 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े पैसों के स्रोत, उनके इस्तेमाल और संभावित मनी ट्रेल समेत अन्य पहलुओं पर है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या असत्यापित होने का फैसला जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

आखिरकार, यह मामला न केवल पंजाब की राजनीति में हलचल मचा रहा है, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री और मानवीय हक के नज़रिए से भी महत्वपूर्ण है। अभी आगे की कार्रवाई के लिए सभी की नज़रें अदालत और जांच एजेंसी पर हैं। इस मामले में अब तक की सभी चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि क्या मानहानि के आरोपों में सच होगा या यह केवल एक राजनीतिक खेल है। पूरे मामले में सभी पक्षों को अपनी बात कहने का मौका मिल रहा है, और जांच का परिणाम सभी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

रेकमेंडेड खबरें