सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार को चुनौती दी, ड्रग सर्वेक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करने का किया आग्रह
सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार को चुनौती दी, ड्रग सर्वेक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करने का किया आग्रह
NewsPoint•
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह ड्रग सर्वेक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। जाखड़ का कहना है कि आम आदमी पार्टी (AAP) असल में पंजाब में ड्रग व्यापार का एक व्यावसायिक अध्ययन कर रही है। यह जानकारी उन्हें सोमवार को मीडिया को देते समय मिली। जाखड़ ने आरोप लगाया कि यह सब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अन्य नेताओं की योजना का हिस्सा है। उनके अनुसार, यह ड्रग सर्वेक्षण केवल एक कामयाब व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए किया गया है।
सुनील जाखड़ ने कहा कि इस ड्रग सर्वेक्षण के लिए 250 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके लिए 28,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया। इस बीच, उन्होंने बताया कि 65 लाख परिवारों को इस सर्वेक्षण की वजह से अपमान का सामना करना पड़ा। जाखड़ ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, “रिपोर्ट कहां है?” उनका यह भी कहना था कि इस सर्वेक्षण का असली मकसद न तो पंजाब का भला करना था और न ही समस्याओं का समाधान। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य बस पंजाब की छवि को धूमिल करना और ड्रग व्यापार को समझना था।जाखड़ ने यह भी चेतावनी दी कि अगर मुख्यमंत्री सच में गांवों में जाते और वहां की स्थिति का जायजा लेते, तो सर्वेक्षण की कोई जरूरत नहीं रहती। लेकिन, जाखड़ का मानना है कि इस सर्वेक्षण का उपयोग एक व्यावसायिक मॉडल बनाने के लिए किया गया है।
जाखड़ ने डीजीपी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि मादक पदार्थों के सेवन के 80 प्रतिशत मामले अब फार्मास्युटिकल दवाओं से संबंधित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इसी अनुरूप फार्मास्युटिकल दवा की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण स्थापित करने की योजना बनाई है। जाखड़ ने एक ड्रग इंस्पेक्टर के भ्रष्टाचार के मामले का भी जिक्र किया, जिसे सरकार ने अपने अधीन लाया और फिर बहाल किया।
उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में नथाना पुलिस स्टेशन ने चार किलो हेरोइन जब्त की थी। जांच में एक व्यक्ति हैरी का नाम सामने आया। जाखड़ के अनुसार, हैरी को अबोहर हत्याकांड में 20 साल की सजा सुनाई गई थी, और उसके खिलाफ सात अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में, जाखड़ ने दावा किया कि सरकार ने फाजिल्का के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के जरिए हैरी को पैरोल पर लाने में मदद की। इसके बाद हैरी फरार हो गया और दुबई चला गया। जाखड़ ने कहा कि हैरी अब लुधियाना से अबोहर के इलाकों में ड्रग्स की तस्करी कर रहा है।
इसके साथ ही, जाखड़ ने कांस्टेबल करम सिंह का भी जिक्र किया, जो 'बाज' ड्रोन रोधी प्रणाली से जुड़ा हुआ था। करम सिंह से 25 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। उसने स्वीकार किया कि उसने 24 अन्य खेपों का भी इंतजाम किया था। जाखड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह सब कांस्टेबल ने अकेले किया, या इसमें उच्च अधिकारियों का भी हाथ था?
इसके अलावा, जाखड़ ने सीमावर्ती इलाकों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा संदिग्धों के पास से ड्रग्स जब्त होने की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग पंजाब में ड्रग्स की खरीद, परिवहन और बिक्री पर नियंत्रण साधे हुए हैं।
जाखड़ ने पूरी स्थिति को सामने रखकर सरकार से आग्रह किया कि वह ड्रग सर्वेक्षण की सही स्थिति को उजागर करे। उन्होंने आम लोगों को सही जानकारी देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को समझा जा सके और इसका समाधान किया जा सके। जाखड़ का मानना है कि यह समस्या बढ़ती जा रही है और इससे लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इस तरह, जाखड़ ने पंजाब में ड्रग्स से संबंधित गंभीर आरोप लगाए हैं और सरकार से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उनकी बातें यह दर्शा रही हैं कि पंजाब में नशीली दवाओं का कारोबार एक गंभीर मुद्दा बन चुका है और इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।