मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम का विदेशी हस्तक्षेप पर कड़ा रुख, अमेरिका से सहयोग की वकालत

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Navbharat Times
मेक्सिको सिटी, 15 सितंबर: मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम ने साफ कर दिया है कि उनका देश किसी भी विदेशी दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा और अमेरिका के साथ रिश्ते सहयोग पर आधारित होने चाहिए, न कि किसी तरह की अधीनता पर। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जो विदेशी हस्तक्षेप का समर्थन करते हैं, जिनमें अमेरिका के कुछ वर्ग और मेक्सिको के विपक्षी दल शामिल हैं। शेनबौम ने इस बात पर जोर दिया कि मेक्सिको का रुख उसके सिद्धांतों, इतिहास और संविधान के अनुरूप है। इस बीच, एक आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार का 2027 के लिए प्रस्तावित आर्थिक पैकेज पहले से ज्यादा यथार्थवादी है, क्योंकि विकास के अनुमान कम किए गए हैं, हालांकि इससे सार्वजनिक कर्ज को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

राष्ट्रपति शेनबौम ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेक्सिको अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ संबंध आपसी सहयोग और तालमेल पर आधारित होने चाहिए। शेनबौम ने उन लोगों पर निशाना साधा जो उनके अनुसार, विदेशी हस्तक्षेप का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अमेरिका के कुछ हिस्सों और मेक्सिको के विपक्षी दलों में भी पाए जाते हैं। राष्ट्रपति ने दृढ़ता से कहा, “हम हमेशा इस सिद्धांत का बचाव करेंगे कि किसी तरह का हस्तक्षेप या दखल नहीं होना चाहिए। सिर्फ सहयोग और समन्वय होना चाहिए और वह भी बिना किसी अधीनता के। यही हमारा रुख रहेगा, क्योंकि यह हमारे सिद्धांतों, हमारे इतिहास, हमारी सोच और हमारे संविधान के अनुरूप है।”
राष्ट्रपति शेनबौम ने एक जनमत सर्वेक्षण का भी जिक्र किया, जिसमें 91 प्रतिशत लोगों ने किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह धारणा फैलाने की कोशिश की जाती है कि मेक्सिको के लोग कुछ और सोचते हैं, तो आखिर किसे फायदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कुछ समूह और दक्षिणपंथी मीडिया हस्तक्षेप को बढ़ावा देना चाहते हैं।

दूसरी ओर, निजी क्षेत्र के आर्थिक अध्ययन केंद्र (सीईईएसपी) ने सोमवार को एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, मेक्सिको सरकार का 2027 के लिए प्रस्तावित आर्थिक पैकेज पहले के मुकाबले ज्यादा हकीकत के करीब है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार ने आर्थिक विकास (ग्रोथ) के जो अनुमान लगाए थे, उन्हें कम कर दिया है। हालांकि, इस कदम से देश के सार्वजनिक कर्ज को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

सीईईएसपी ने अपने साप्ताहिक आर्थिक विश्लेषण में बताया कि पिछले हफ्ते संसद (कांग्रेस) में पेश किए गए बजट प्रस्ताव में 2026 और 2027 के लिए विकास के अनुमानों को घटाया गया है। अब ये अनुमान वित्तीय विश्लेषकों और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के आकलन के ज्यादा करीब आ गए हैं। सीईईएसपी ने कहा, “मैक्रोइकोनॉमिक फ्रेमवर्क (आर्थिक ढांचे) के आंकड़ों में किया गया यह बदलाव ज्यादा वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।”

हालांकि, सीईईएसपी ने यह भी चेतावनी दी कि बजट में अभी भी कुछ ऐसे अनुमान शामिल हो सकते हैं जो जरूरत से ज्यादा उम्मीद भरे हों। मेक्सिको सरकार कई सालों से वित्तीय अनुशासन (फिस्कल कंसॉलिडेशन) की नीति पर काम कर रही है। इसका मुख्य लक्ष्य धीरे-धीरे बजट घाटे को कम करना और सार्वजनिक कर्ज को एक हद तक स्थिर रखना है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार बढ़ते कर्ज पर निर्भरता कम हो सके। यह नीति देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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