अभियंता दिवस पर सीएम योगी, मोहन यादव, भजनलाल शर्मा सहित कई नेताओं ने डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को किया नमन
अभियंता दिवस पर सीएम योगी, मोहन यादव, भजनलाल शर्मा सहित कई नेताओं ने डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को किया नमन
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नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। इंजीनियर दिवस के मौके पर देश भर के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने महान अभियंता डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के विकास में अभियंताओं के योगदान को सराहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपने-अपने अंदाज में अभियंताओं को बधाई दी और डॉ. विश्वेश्वरैया के कार्यों को याद किया। सभी ने माना कि अभियंताओं की प्रतिभा, तकनीकी कौशल और राष्ट्रसेवा से ही 'नया भारत' आकार ले रहा है और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "आधुनिक भारत के निर्माण को अपनी प्रतिभा, तकनीकी कौशल और राष्ट्रसेवा से नई दिशा देने वाले महान अभियंता, 'भारत रत्न' डॉ. एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र के विकास को अपने ज्ञान और नवाचार से गति देने वाले सभी अभियंताओं को 'अभियंता दिवस' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपकी मेधा से आकार लेता नया भारत ही विश्वेश्वरैया के स्वप्नों को सच्ची श्रद्धांजलि है।" उन्होंने यह भी कहा कि अभियंताओं की मेधा से ही नया भारत बन रहा है, जो डॉ. विश्वेश्वरैया के सपनों को पूरा करने जैसा है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "महान अभियंता, 'भारत रत्न' डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर सादर नमन करता हूं एवं सभी अभियंताओं को 'राष्ट्रीय अभियंता दिवस' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।" उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को हमेशा याद रखने योग्य बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, "महान अभियंता तथा भारत रत्न से सम्मानित डॉ. एम. विश्वेश्वरैया जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन! इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में निरंतर समर्पित सभी कर्मठ अभियंताओं को अभियंता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! आपके तकनीकी दक्षता और दूरदर्शी सोच से भारत विकास के नए शिखरों को स्पर्श कर रहा है।" उन्होंने अभियंताओं की तकनीकी दक्षता और दूरदर्शी सोच को भारत के विकास का श्रेय दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर कहा, "विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले समस्त अभियंताओं को अभियंता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी ने अपनी असाधारण प्रतिभा, दूरदृष्टि और तकनीकी दक्षता से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, जल प्रबंधन एवं औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। राष्ट्र निर्माण में आपका अतुलनीय योगदान सदैव हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।" उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, जल प्रबंधन और औद्योगिक विकास में दिए गए योगदान को प्रेरणादायक बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारत के नवनिर्माण को नई दिशा देने वाले महान अभियंता एवं ‘भारत रत्न’ डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। अपनी प्रतिभा, परिश्रम और तकनीकी कौशल से राष्ट्र निर्माण को गति देने वाले सभी कर्मठ अभियंताओं को ‘अभियंता दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं।" उन्होंने अभियंताओं की प्रतिभा, परिश्रम और तकनीकी कौशल को राष्ट्र निर्माण की गति देने वाला बताया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा, "भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और तरक्की में असाधारण योगदान देने वाले और एक स्थायी विरासत छोड़ने वाले 'इंजीनियरिंग के जनक', भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को उनकी जयंती पर नमन!" उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया को 'इंजीनियरिंग का जनक' बताते हुए उनके स्थायी योगदान को याद किया।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर पोस्ट किया, "सर एम. विश्वेश्वरैया की असाधारण विरासत को याद करते हुए—एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति जिनकी जल प्रबंधन, बांध डिज़ाइन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रतिभा ने आधुनिक भारत की नींव रखी। 1955 में भारत रत्न से सम्मानित, सटीकता और अनुशासित काम के प्रति उनका समर्पण हर जगह इंजीनियरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। इनोवेशन और समस्याओं के समाधान के जरिए भविष्य को आकार देने वाले सभी इंजीनियरों को 'इंजीनियर्स डे' की शुभकामनाएं!" उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया के जल प्रबंधन, बांध डिजाइन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किए गए कार्यों को आधुनिक भारत की नींव बताया और उनके समर्पण को इंजीनियरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स पर जारी बयान में कहा, "प्रगति की हर बड़ी उपलब्धि के पीछे एक ऐसी सोच होती है जिसने उसकी कल्पना की और एक ऐसा इंजीनियर होता है जिसने उसे साकार किया। राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस पर मैं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हू। वे एक दूरदर्शी इंजीनियर और राष्ट्र-निर्माता थे, जिनकी असाधारण बुद्धिमत्ता, अनुशासन और समर्पण ने भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दिया। उनका जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि इंजीनियरिंग का अर्थ केवल ढाँचे या संरचनाएं बनाना नहीं है, बल्कि समाधान खोजना, अवसर पैदा करना और राष्ट्र के भविष्य को आकार देना है।" उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ ढांचा बनाना नहीं, बल्कि समाधान खोजना और राष्ट्र के भविष्य को आकार देना है।
पवन कल्याण ने आगे कहा, "आज, मैं पूरे भारत के उन इंजीनियरों को नमन करता हूं, जिनके ज्ञान, नवाचार और दृढ़ संकल्प ने हमारे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, तकनीक को आगे बढ़ाया है और देश को और अधिक प्रगति की ओर अग्रसर किया है। विचारों से नवाचार तक। नवाचार से प्रगति तक। प्रगति से एक सशक्त भारत तक। राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस पर सभी इंजीनियरों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।" उन्होंने पूरे देश के इंजीनियरों के ज्ञान, नवाचार और दृढ़ संकल्प की सराहना की, जिन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और तकनीक को आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विचारों से नवाचार, नवाचार से प्रगति और प्रगति से एक सशक्त भारत का निर्माण होता है।
सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को 'भारत रत्न' से सम्मानित बताते हुए उनके कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनकी दूरदर्शी सोच और नवाचारों ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, जल प्रबंधन और औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। उन्हें 'इंजीनियरिंग का जनक' भी कहा गया।
अभियंताओं को बधाई देते हुए, नेताओं ने उनके ज्ञान, कौशल, नवाचार और राष्ट्रसेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की मेहनत और लगन से ही देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उनकी तकनीकी दक्षता और दूरदर्शी सोच भारत को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभियंताओं का काम सिर्फ ढांचा या संरचनाएं बनाना नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजना, नए अवसर पैदा करना और देश के भविष्य को आकार देना है।
यह भी बताया गया कि डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी सटीकता और अनुशासित काम के प्रति समर्पण आज भी सभी इंजीनियरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी और उनके कार्य हमेशा स्मरणीय रहेंगे।
कुल मिलाकर, इंजीनियर दिवस पर देश भर के नेताओं ने अभियंताओं के महत्व को रेखांकित किया और डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के विकास में अभियंताओं के योगदान को स्वीकार किया और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। यह दिन देश के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका को याद करने और उनका सम्मान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।