राष्ट्रीय अभियंता दिवस: ओम बिड़ला और केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को किया नमन
राष्ट्रीय अभियंता दिवस: ओम बिड़ला और केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को किया नमन
NewsPoint•
नई दिल्ली, 15 सितंबर। आज राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस के मौके पर देश के कई बड़े नेताओं ने भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को उनकी जयंती पर याद किया और उन्हें नमन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल, नितिन गडकरी, हरदीप सिंह पुरी, प्रह्लाद जोशी और एस जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर डॉ. विश्वेश्वरैया के इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दिए गए योगदान को सराहा और देश के सभी इंजीनियरों को बधाई दी। नेताओं ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता, अनुशासन और तकनीकी कौशल ने भारत के जल-संसाधन, सिंचाई और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि आज के इंजीनियर भी अपनी प्रतिभा और नवाचार से देश के विकास में नई इबारत लिख रहे हैं, चाहे वह सड़क हो, सेतु हो, जल प्रबंधन हो, ऊर्जा हो, अंतरिक्ष हो या डिजिटल तकनीक।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, “भारत के महान अभियंता, दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन, तथा उनकी स्मृति में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अभियंता (इंजीनियर) दिवस की शुभकामनाएं। डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपने अद्भुत तकनीकी कौशल, अनुशासन और दूरदर्शिता से भारत के जल-संसाधन, सिंचाई और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि ज्ञान, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रहित से जोड़ दिया जाए तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।”ओम बिड़ला ने आगे कहा कि आज का दिन देश के उन लाखों इंजीनियर्स के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो अपनी प्रतिभा और नवाचार से भारत के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज जब भारत सशक्त अवसंरचना, आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवाचार के नए आयाम गढ़ रहा है, तब हमारे इंजीनियर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सड़क हो या सेतु, जल प्रबंधन हो या ऊर्जा, अंतरिक्ष हो या डिजिटल तकनीक; देश की प्रगति के पीछे हमारे इंजीनियर्स का ज्ञान, परिश्रम और समाधान की सोच निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त शक्ति हमारे इंजीनियर्स का पुनः अभिवादन।”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में कहा, “आधुनिक भारत के निर्माण में अपना संपूर्ण जीवन अर्पित करने वाले महान अभियंता ‘भारत रत्न’ डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन! राष्ट्र सेवा में रत सभी कर्मशील अभियंताओं को ‘अभियंता दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! इंजीनियरिंग के माध्यम से राष्ट्र व समाज सेवा के लिए आपने जो अप्रतिम कार्य किए, वह सदैव भावी पीढ़ियों को समर्थ देश व सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे। मां भारती के गुणी सपूत के चरणों में प्रणाम।”
Union Minister मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत के नवनिर्माण में अप्रतिम भूमिका का निर्वहन करने वाले महान अभियंता ‘भारत रत्न’ डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर कोटिशः नमन एवं राष्ट्र सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते समस्त कर्मठ अभियंताओं को ‘अभियंता दिवस’ की ढेरों बधाई व शुभकामनाएं।”
Union Minister नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, “अभियंता दिवस पर हम भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया जी को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। उनकी अद्भुत दूरदर्शिता, अनुशासन और इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उनका जीवन हमें याद दिलाता है कि इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ़ ढांचे बनाना नहीं, बल्कि एक मजबूत, लचीला और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना है। उन सभी इंजीनियरों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं, जो विचारों को प्रगति में बदलते हैं।”
केंद्रीय तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पोस्ट में कहा, “महान इंजीनियर और विद्वान, भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर मैं उत्कृष्टता, अनुशासन और राष्ट्र-सेवा की उनकी अमिट विरासत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इंजीनियरिंग और राष्ट्र-निर्माण में उनका अहम योगदान हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। इस दिन, जिसे इंजीनियर्स के रूप में भी मनाया जाता है, मैं ऊर्जा क्षेत्र सहित उन सभी इंजीनियरों को हार्दिक बधाई देता हूं जो एक मजबूत, अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर लिखा, “भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर हम एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति को याद कर रहे हैं जिनकी इंजीनियरिंग की कुशलता और राष्ट्र-निर्माण की भावना ने आधुनिक भारत को आकार देने में मदद की। उनकी विरासत हर उस इंजीनियर में जीवित है जो ज्ञान को इनोवेशन में और विज़न को स्थायी प्रगति में बदलते हैं। भारत की तरक्की में इंजीनियरों की प्रतिभा और योगदान को सलाम। सभी को गर्व और प्रेरणा देने वाले अभियंता दिवस की शुभकामनाएं!”
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें याद करते हैं। उनका जीवन और काम हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। अभियंता दिवस पर राष्ट्र की प्रगति और विकास में हमारे इंजीनियरों के अहम योगदान को सलाम।”
डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया, जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, एक ऐसे महान अभियंता थे जिन्होंने अपने ज्ञान और दूरदर्शिता से भारत के विकास की नींव रखी। उनकी जयंती को हर साल राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि उनके योगदान को याद किया जा सके और देश के इंजीनियरों को सम्मानित किया जा सके। उन्होंने जल प्रबंधन, सिंचाई परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में ऐसे काम किए जो आज भी मिसाल हैं। उनकी सोच थी कि ज्ञान और नवाचार को देश के हित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, और इसी सोच ने भारत को आगे बढ़ने में मदद की।
आज के इंजीनियर भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। वे अपनी मेहनत और नए विचारों से देश को मजबूत बना रहे हैं। चाहे वह बड़ी-बड़ी सड़कें बनाना हो, पुल बनाना हो, या फिर पानी का सही प्रबंधन करना हो, ऊर्जा के क्षेत्र में नए आविष्कार करना हो, अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयों को छूना हो या डिजिटल दुनिया में क्रांति लाना हो, हर जगह इंजीनियरों का योगदान अहम है। वे सिर्फ ढांचे नहीं बनाते, बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहे हैं जो मजबूत, आत्मनिर्भर और आधुनिक हो।
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. विश्वेश्वरैया का जीवन हमें सिखाता है कि अगर हम अपने ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को देश के विकास से जोड़ दें, तो कोई भी मुश्किल काम असंभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के इंजीनियरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि भारत तेजी से तरक्की कर रहा है और नई तकनीकों को अपना रहा है।
यह इंजीनियर्स दिवस देश के उन लाखों इंजीनियरों को समर्पित है जो हर दिन अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश को आगे बढ़ा रहे हैं। वे सिर्फ नौकरी नहीं कर रहे, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उनकी सोच और काम करने का तरीका ही भारत को सशक्त और समृद्ध बना रहा है।
इस खास मौके पर, देश के नेताओं ने सभी इंजीनियरों को बधाई दी और उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों का योगदान अमूल्य है और वे हमेशा देश के विकास के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। यह दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे एक व्यक्ति की दूरदर्शिता और कई लोगों की मेहनत मिलकर एक राष्ट्र को नई दिशा दे सकते हैं।