भगोड़े अभय राणा का प्रत्यर्पण: भारत-पुर्तगाल सहयोग से बड़ी कामयाबी

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भारत ने पुर्तगाल से भगोड़े अभय राणा को प्रत्यर्पित किया है। यह भारत-पुर्तगाल सहयोग की एक बड़ी कामयाबी है। अभय राणा उगाही, धमकी और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में वांछित था। लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने पुर्तगाल को धन्यवाद दिया है। यह विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

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पुर्तगाल से भगोड़े को प्रत्यर्पित करने में सहयोग के लिए भारत ने पुर्तगाल को धन्यवाद दिया है। सरकार ने इस कदम को विदेश में रह रहेWanted अपराधियों को वापस लाने के देश के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण जीत बताया है। यह भगोड़ा, अभय राणा, हरियाणा पुलिस को कई आपराधिक मामलों में Wanted था, जिनमें उगाही, आपराधिक धमकी और हत्या का प्रयास शामिल हैं। पुर्तगाल से शनिवार को उसका प्रत्यर्पण हुआ। यह सब दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण समझौते के तहत हुआ, और इसके लिए Interpol Red Notice भी जारी की गई थी।

लिस्बन, पुर्तगाल की राजधानी, में भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि भारत पुर्तगाल और वहां के कानून प्रवर्तन अधिकारियों का उनके सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता है। दूतावास ने बताया कि राणा का प्रत्यर्पण भारत सरकार के उन प्रयासों में एक अहम कदम है, जिनके ज़रिए देश विदेश में छिपे Wanted अपराधियों को वापस ला रहा है। इस सफल ऑपरेशन के पीछे विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA), हरियाणा पुलिस, लिस्बन में भारतीय दूतावास और पुर्तगाल की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच लगातार और सक्रिय तालमेल का हाथ था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), जिसने प्रत्यर्पण प्रक्रिया का समन्वय किया, के अनुसार, हरियाणा पुलिस अभय राणा को कई आपराधिक मामलों में Wanted कर रही थी। इन मामलों में संगठित अपराध सिंडिकेट चलाना, हत्या का प्रयास करना और जान से मारने की धमकी देना जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। CBI ने नई दिल्ली में शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि पुर्तगाली अधिकारियों ने राणा का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद भारत ने प्रत्यर्पण का अनुरोध किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुर्तगाली अधिकारियों ने राणा को भारत को सौंप दिया। CBI, जो Interpol से संबंधित मामलों के लिए भारत की नोडल एजेंसी है, ने बताया कि उसने राणा के खिलाफ Red Notice जारी करवाई थी। यह Red Notice Interpol द्वारा जारी की जाती है, जो दुनिया भर की पुलिस को किसी Wanted व्यक्ति के बारे में सूचित करती है और उसे ढूंढने में मदद करती है।

यह प्रत्यर्पण भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह किसी भी Wanted अपराधी को बख्शेगा नहीं, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपा हो। इस तरह के प्रत्यर्पण से देश में कानून का राज मजबूत होता है और अपराधियों में भय पैदा होता है। यह दिखाता है कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। पुर्तगाल जैसे देशों के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध ऐसे सफल अभियानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह भविष्य में भी ऐसे प्रत्यर्पण को आसान बनाएगा।

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