Global Economic Crisis Pm Modis Special Appeal To Countrymen For Self reliant India
पीएम मोदी की हैदराबाद में बड़ी घोषणा: वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने के लिए देशवासियों से की ये खास अपील
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हैदराबाद में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने में सहयोग मांगा। उन्होंने गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने, ईंधन का संयमित उपयोग करने और स्थानीय उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया। घर से काम करने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने जैसे सुझावों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
हैदराबाद, 10 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज आर्थिक उथल-पुथल, सप्लाई चेन में रुकावटों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जूझ रही है, जिसका सीधा असर बढ़ती महंगाई के रूप में हम सब देख रहे हैं। ऐसे मुश्किल समय में भारत को मजबूत बनाए रखने के लिए हम सभी की सामूहिक भागीदारी बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को और भी व्यापक बताते हुए कहा कि यह सिर्फ देश के लिए जान देने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, मुश्किल वक्त में अनुशासित और जिम्मेदार जीवन जीना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करें।पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया। उनका कहना था कि ऐसा करने से हम विदेशी मुद्रा को देश से बाहर जाने से रोक पाएंगे। साथ ही, उन्होंने पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल में संयम बरतने पर भी जोर दिया। उन्होंने समझाया कि तेल की बचत करके हम देश की आर्थिक स्थिति को और भी मजबूत बना सकते हैं।
ईंधन की खपत कम करने के लिए पीएम मोदी ने कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी संभव हो, वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। अगर अपनी गाड़ी से चल रहे हैं, तो कार-पूलिंग (एक गाड़ी में कई लोगों का साथ सफर करना) अपनाएं। माल ढोने के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों (बिजली से चलने वाली गाड़ियां) के इस्तेमाल को बढ़ावा दें।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए कारगर उपायों को फिर से लागू करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्क-फ्रॉम-होम (घर से काम करना), ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस (ऑनलाइन बैठकें) और वर्चुअल मीटिंग्स (आभासी बैठकें) जैसी व्यवस्थाएं न केवल हमारे समय और पैसों की बचत करती हैं, बल्कि ईंधन की खपत को भी कम करती हैं।
उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेशों में छुट्टियां मनाने और विदेश में होने वाले समारोहों से बचने की भी अपील की। इसके बजाय, उन्होंने सुझाव दिया कि हमें देश के भीतर पर्यटन और उत्सवों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजों, जैसे जूते, बैग और अन्य सामानों के लिए स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ (भारत में बने) उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि हम विदेशी आयात (दूसरे देशों से सामान मंगाना) पर अपनी निर्भरता भी कम कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने का भी आग्रह किया। उनका मानना था कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और साथ ही लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों (केमिकल खाद) का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और हमें बाहर से उर्वरक मंगाने की जरूरत कम पड़ेगी। इसके साथ ही, उन्होंने कृषि क्षेत्र में डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को अपनाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन सभी प्रयासों से देश न केवल मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना कर पाएगा, बल्कि आत्मनिर्भरता (खुद पर निर्भर होना) की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि हर नागरिक की छोटी-छोटी पहल देश को बहुत बड़ी ताकत दे सकती है।