Qr Code Bill Verification To Stop Gst Theft Customers To Get Rewards Bharat Bill Reward Proposed
GST चोरी रोकने के लिए QR कोड आधारित बिल सत्यापन प्रणाली का प्रस्ताव: ग्राहकों को मिलेगा इनाम
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रेस्टोरेंट और फूड रिटेल में GST चोरी रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव आया है। ग्राहकों को बिल वेरिफाई करने पर इनाम मिलेगा। एक सरकारी ऐप से QR कोड स्कैन कर बिल की जांच होगी। इससे टैक्स चोरी के चार बड़े तरीके रुकेंगे। यह सिस्टम भारत में टैक्स अनुपालन बढ़ाएगा। ग्राहकों को इनाम जीतने का मौका मिलेगा।
नई दिल्ली, 10 मई (PTI) - एक नागरिक अधिकार संगठन ने रेस्टोरेंट और फूड रिटेल सेक्टर में बड़े पैमाने पर हो रहे GST चोरी को रोकने के लिए एक राष्ट्रव्यापी QR-कोड-आधारित बिल वेरिफिकेशन सिस्टम का प्रस्ताव दिया है। संगठन ने वित्त मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 'भारत बिल रिवॉर्ड' (BBR) सिस्टम का सुझाव दिया गया है। यह सिस्टम ग्राहकों को सरकारी ऐप के जरिए इनवॉइस वेरिफाई करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। संगठन का दावा है कि रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर में हर साल हजारों करोड़ रुपये की GST चोरी हो रही है। हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वे और GST छापों को इसका सबूत बताया गया है।
इस 'भारत बिल रिवॉर्ड' (BBR) सिस्टम की सबसे खास बात इसकी सादगी है। हर बिल पर एक अनिवार्य GSTN-जनरेटेड QR कोड होगा। ग्राहक 'BBR ऐप' से इस QR कोड को स्कैन करके एक सेकंड में अपने बिल को वेरिफाई कर सकेंगे। इस प्रस्ताव के अनुसार, रेस्टोरेंट से जारी होने वाले हर बिल पर सरकार द्वारा प्रमाणित QR कोड होगा, जो GSTN सर्वर से जुड़ा होगा। जब ग्राहक मोबाइल ऐप से इस कोड को स्कैन करेंगे, तो वे दैनिक लकी ड्रॉ में इनाम जीतने के हकदार होंगे।यह प्रस्तावित सिस्टम रेस्टोरेंट सेक्टर में टैक्स चोरी के चार बड़े तरीकों पर लगाम लगाएगा। इनमें शामिल हैं: बिना बिल के लेनदेन करना, POS सिस्टम से बिल डिलीट करना, टर्नओवर को कई GST रजिस्ट्रेशन में बांटना और समानांतर बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना। संगठन का कहना है कि अभी प्रवर्तन (enforcement) प्रतिक्रियात्मक (reactive) है, निवारक (preventive) नहीं। छापे और सर्वे सालों से हुई चोरी का पता लगा सकते हैं, लेकिन हर एक लेनदेन को डिलीट होने या रिकॉर्ड न होने से नहीं रोक सकते।
संगठन ने यह भी दावा किया है कि भारत के रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर का सालाना टर्नओवर लगभग 5.69 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक कुल उद्योग-व्यापी चोरी का अनुमान 70,000 करोड़ रुपये लगाया गया है। इस प्रस्ताव के तहत, हर वेरिफाई किए गए बिल स्कैन से ग्राहक दैनिक लॉटरी सिस्टम में शामिल हो जाएंगे। इन लॉटरी के पुरस्कारों के लिए रेस्टोरेंट से होने वाली GST कलेक्शन पर एक छोटा सा सेस (cess) लगाया जाएगा।
संगठन ने ताइवान, ब्राजील, पुर्तगाल और चीन जैसे देशों के उदाहरण दिए हैं, जहां टैक्स अनुपालन (tax compliance) को बेहतर बनाने के लिए बिल वेरिफिकेशन या लॉटरी से जुड़े बिलिंग सिस्टम लागू किए गए हैं। इस समूह ने वित्त मंत्रालय और GST अधिकारियों से इस प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है। इसे फूड सर्विस सेक्टर में GST अनुपालन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए एक टेक्नोलॉजी-संचालित, नागरिक-संचालित तंत्र के रूप में देखा जा रहा है। यह सिस्टम ग्राहकों को सीधे तौर पर टैक्स चोरी रोकने में भागीदार बनाएगा और उन्हें इनाम जीतने का मौका भी देगा। इस तरह, यह एक जीत-जीत की स्थिति पैदा करेगा, जहां सरकार को अधिक टैक्स मिलेगा और ग्राहकों को भी फायदा होगा। यह एक अभिनव तरीका है जो डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद कर सकता है।