पुलवामा के डॉक्टर के नेटवर्क का भंडाफोड़: फरीदाबाद में मिले 360 किलो विस्फोटक

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हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। फरीदाबाद में एक किराए के मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई पुलवामा के एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद हुई है।

pulwama doctors network busted 360 kg explosives and weapons recovered in faridabad
फरीदाबाद: हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। फरीदाबाद में एक किराए के मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई पुलवामा के एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के करीब 10 दिन बाद हुई है, जिस पर पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने का शक है।

पुलिस के मुताबिक, इस फ्लैट से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जैसा ज्वलनशील पदार्थ, एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 83 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ जिंदा गोलियां, दो खाली कारतूस, दो अतिरिक्त मैगजीन, 12 सूटकेस और एक बाल्टी विस्फोटक से भरी हुई मिली है। इसके अलावा, 20 टाइमर, चार बैटरी, रिमोट, पांच किलोग्राम भारी धातु और एक वॉकी-टॉकी सेट भी जब्त किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन चीजों का इस्तेमाल बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
यह बड़ी कामयाबी फरीदाबाद और सहारनपुर में हुई कुछ गिरफ्तारियों के बाद मिली है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से पुलवामा के डॉक्टर आदिल अहमद राथर को गिरफ्तार किया था। उसकी पूछताछ से ही फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल का सुराग मिला, जिसे करीब दस दिन पहले हिरासत में लिया गया था। डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फरीदाबाद में उसके किराए के मकान की तलाशी ली, जहां रविवार को यह विस्फोटक और हथियार मिले। पता चला है कि संदिग्ध ने इन सामानों को रखने के लिए एक अलग कमरा किराए पर लिया था।

फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर सतेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस ऑपरेशन के बारे में बताते हुए कहा कि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त प्रयासों से एक बड़े आतंकी मॉड्यूल को खत्म किया गया है। उन्होंने कहा, "हालांकि मैं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता, लेकिन हरियाणा और जेएंडके पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस मॉड्यूल का एक और सदस्य पहले सहारनपुर से पकड़ा गया था और जल्द ही और भी सदस्यों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

अधिकारियों को शक है कि सीमा पार बैठे जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर इन गिरफ्तार लोगों के संपर्क में थे और उत्तरी भारत में हमले की योजना बना रहे थे। फिलहाल जांच जारी है और बरामद सामग्री की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया है ताकि विस्फोटकों की सही प्रकृति का पता लगाया जा सके।