Ashok Siddharth Father in law Of Mayawatis Nephew Akash Anand Expelled From Bsp For Spreading Confusion
भ्रम फैलाने में आकाश के ससुर बसपा से निष्कासित
Contributed by: Ranvijay.Singh1|नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा ने संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए छह राज्यों के कोऑर्डिनेर रहे अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर भी हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 'एक्स' के जरिए उनके निष्कासन की जानकारी देते हुए लिखा ‘अनुशासनहीनता की शिकायतों पर बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार नहीं आने की वजह से शनिवार को अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद यूपी में इनके वापस लौटने की खबरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम की स्थिति फैलाकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव के सघन अभियान को प्रभावित करने का षड्यंत्र है। अतः पार्टी हित में अशोक सिद्धार्थ को आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जाएगा।’सात महीने बाद वापसी, 10 महीने बाद फिर निष्कासन : बसपा के कोऑर्डिनेरटर अशोक सिद्धार्थ को इससे पहले भी निष्कासित किया जा चुका है। पार्टी में अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें 12 फरवरी 2025 को भी निष्कासित किया गया था, लेकिन सात महीने बाद सितंबर 2025 में उनकी घर वापसी हो गई थी। हालांकि, 10 महीने बाद ही उन्हें अब दोबारा निष्कासित कर दिया गया। उनके अलावा पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी में गुटबाजी बढ़ाने के साथ दिशा निर्देशों का पालन न करने का आरोप है।
कद घटा न बढ़ा : राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद 10 अगस्त के बाद यूपी के कुछ जिलों में होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे। इसे लेकर उनके यूपी विधानसभा चुनाव में सक्रिय होने की अटकलें लगने लगी थीं। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा सुप्रीमो मायवाती ने कद बढ़ने या घटने की चर्चाओं को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने लिखा था कि चुनाव प्रबंधन से लेकर टिकट वितरण तक के फैसले वो खुद ले रही हैं।
रामजी गौतम को पंजाब की जिम्मेदारी: मायावती ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पंजाब राज्य का प्रभारी नियुक्त कर दिया है। पंजाब के आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक वह इस राज्य में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।