चांदी की जूलरी में शुद्धता की जांच अब होगी और आसान

नवभारतटाइम्स.कॉम
चांदी की जूलरी में शुद्धता की जांच अब होगी और आसान
n NBT रिपोर्ट, मुंबई

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) चांदी की जूलरी की शुद्धता जांचने की अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। BIS के अनुसार, अगले करीब दो सालों में देशभर में चांदी की जांच के लिए रेफरल और असेंसिंग लेबोरेटरी का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा।
बीते कुछ सालों में सोने की कीमतों में काफी ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है, जिसके बाद अब ज्यादातर लोग चांदी की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में बीते कुछ समय में चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए अब ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ( BIS ) चांदी की ज्वेलरी की शुद्धता जांचने की अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

BIS के अनुसार, अगले करीब दो सालों में देशभर में चांदी की जांच के लिए रेफरल और असेंसिंग लेबोरेटरी का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जो चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय उसकी शुद्धता को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं। BIS की डिप्टी डायरेक्टर जनरल निशात एस. हक के अनुसार, चांदी की जूलरी पर हॉलमार्किंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए BIS ने अपनी लैबोरेटरी में चांदी के आभूषणों की जांच बढ़ाने की तैयारी कर ली है। फिलहाल BIS की अपनी लैबोरेटरी अगले करीब दो सालों तक बढ़ती जरूरत को संभाल सकती हैं। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में रेफरल और असेंसिंग लेबोरेटरी की संख्या बढ़ाई जाएगी।