Midnight Mobile Usage Rising Threat Of Sleep Deprivation Anxiety And Depression Among Youth
आधी रात... जगमगाती स्क्रीन और गायब नींद
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nदीक्षा गौड़, लखनऊ
रात के 12 बज चुके हैं। कमरे में अंधेरा है, लेकिन आंखों पर मोबाइल स्क्रीन की तेज रोशनी चमक रही है। रील्स, शॉर्ट्स और सोशल मीडिया पर लगातार स्क्रॉल होता कंटेंट युवाओं को न सिर्फ देर रात तक जगाए रख रहा है, बल्कि उनकी नींद और मानसिक सुकून भी छीन रहा है। लगातार नकारात्मक और ट्रॉमैटिक कंटेंट देखने से युवाओं में 'विकैरियस ट्रॉमा' जैसी मानसिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। KGMU के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अग्रवाल के अनुसार ओपीडी में आ रहे 25 से 30% युवाओं में अत्यधिक स्क्रीन कंजम्पशन के कारण इनसोमनिया (अनिद्रा), एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्याएं मिल रही हैं।