‘नागर की रचनाएं युवाओं को समाज से जोड़ती हैं’

नवभारतटाइम्स.कॉम
amritlal nagars 110th birth anniversary granddaughter richa nagar shares memories of literature and theatre
nNBT न्यूज, लखनऊ

पद्मभूषण से सम्मानित साहित्यकार अमृतलाल नागर की 110वीं जयंती पर सोमवार को गोमतीनगर स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर्स में साहित्यिक संध्या मानस के अमृत हंस का आयोजन किया गया। इस दौरान उनकी पोती रिचा नागर ने उनके साहित्य, रंगमंच और लेखन से जुड़ी यादें साझा कीं।
रिचा ने बताया कि किशोरावस्था में उन्हें अपने दादा के साथ समय बिताने के दौरान रंगमंच और लेखन को समझने का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं से नागर की रचनाएं पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि उनके साहित्य से समाज, इतिहास और बदलती परिस्थितियों को समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अमृतलाल नागर बच्चों को केवल कहानियां पढ़ने के बजाय यह समझने के लिए प्रेरित करते थे।

उन्होंने ‘आओ बच्चों नाटक लिखें’ कार्यशाला का जिक्र करते हुए कहा कि अमृतलाल नागर का उद्देश्य था कि युवा यह समझें कि साहित्य उनके आसपास के जीवन और अनुभवों से भी जन्म ले सकता है। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, पाठकों और अमृतलाल नागर के प्रशंसकों ने हिस्सा लिया।