पारा इलाके में नगर निगम और पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के बाद मंगलवार को प्रशासन ने अवैध डेरियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार की मौजूदगी में चार थानों की पुलिस और पीएसी (PAC) बल के साथ गादियाना क्षेत्र में सघन छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने 197 भैंसें जब्त कर शहर के अलग-अलग कांजी हाउस भेज दीं। वहीं, पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और पथराव करने वाले तीन सगे भाइयों समेत पांच और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब 13 से ज्यादा नामजद उपद्रवियों पर गैंगस्टर ऐक्ट लगाने की तैयारी कर रही है। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि गादियाना इलाके में कई वर्षों से अवैध रूप से डेयरियां चलाई जा रही थीं, जिससे सड़कों पर हर वक्त गोबर और गंदगी पसरी रहती थी। भारी विरोध की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल के साथ उतरे दस्ते ने 197 मवेशियों को जब्त किया।
13 पर गैंगस्टर की तैयारी : डीसीपी पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने बताया कि विडियो फुटेज के आधार पर मंगलवार को पांच और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इनमें राजाजीपुरम डी-ब्लॉक (हैदर कैनाल) निवासी तीन सगे भाई मोहम्मद सलामुद्दीन, शहाबुद्दीन व मोहम्मद इस्लाम के अलावा सराफत अली (डिप्टी खेड़ा, पारा) और रिजवान (आदर्श विहार, गदियाना) शामिल हैं। इससे पहले पुलिस खुशबून और आफरीन नाम की दो बहनों को जेल भेज चुकी है। घटना में शामिल 13 से अधिक नामजद आरोपितों पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। अन्य फरार उपद्रवियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
यह है पूरा मामला : बादलखेड़ा में अवैध डेरियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मवेशी जब्ती के डर से डेयरी संचालकों ने टीम पर पथराव कर दिया था और लोहे की रॉड से हमला किया था। हमले में एक दरोगा और कई नगर निगम कर्मी घायल हुए थे, जबकि 4 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। मामले में पुलिस के अलावा पशु कल्याण विभाग (जोन-6) के प्रभारी अवधेश कुमार ने भी पारा थाने में लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 7 सीएलए (CLA) एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था।