Resourceful Panchayats Key To Effective Local Governance Important Reforms Underway In Up
'स्थानीय शासन के लिए संसाधनयुक्त पंचायत जरूरी'
नवभारत टाइम्स•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : प्रभावी और जवाबदेह स्थानीय शासन के लिए लोगों के सबसे निकट मजबूत, संसाधनयुक्त पंचायतों को जरूरी बताते हुए पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने कहा कि हर गांव में पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंचायत सचिवों और सहायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैगिंग और फेस रिकग्निशन आधारित प्रणाली लागू की गई है, तथा हर पंचायत में आधार सेवा केंद्र खोला जा रहा है। वे गोमतीनगर में 16वें वित्त आयोग के तहत प्रदर्शन आधारित वित्तीय हस्तांतरण पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
आयोजन पंचायती राज विभाग, राज्य वित्त आयोग, वित्त विभाग, यूपीएसडीएमए और यूनिसेफ ने किया। यूनिसेफ की डॉ. पियूष एंटनी ने कहा कि यूपी की 58,000 से अधिक पंचायती राज संस्थाएं बड़ी जमीनी प्रशासनिक व्यवस्थाओं में हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा व सामाजिक संरक्षण के परिणाम सुधार सकता है। नगर विकास सचिव अनुज झा ने आयोग को व्यापक दृष्टि से देखने की बात कही। यूपीएसडीएमए उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने आपदा तैयारी को स्थानीय योजनाओं में शामिल करने और खर्च न होने वाले धन को सेवाओं में बाधा बताया। 2026-31 हेतु ग्रामीण निकायों को 4.35 लाख करोड़ प्रस्तावित हैं। इस दौरान आयोजित सत्रों में ग्रामीण विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, पंचायती राज मंत्रालय के पूर्व सचिव एस एम विजयानंद, नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक डॉ.प्रवाकर साहू, 14वें वित्त आयोग के आर्थिक सलाहकार और NIPFP के विशिष्ट प्रोफेसर प्रो. पिनाकी चक्रवर्ती सहित अन्य लोगों ने अपनी बात रखी।