शुरू से रहे स्पष्टता

नवभारतटाइम्स.कॉम
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केंद्र सरकार ने पिछले साल जब जाति जनगणना कराने की तारीखों का ऐलान किया, तभी स्पष्ट था कि यह काम चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। देश की राजनीति में जाति हमेशा अहम रही है, लेकिन इसे निश्चित करना उतना ही मुश्किल। अभी जनगणना की प्रक्रिया शुरू ही हुई है और जाति की गणना दूसरे चरण में की जाएगी, लेकिन सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

कांग्रेस की आपत्ति । कांग्रेस का आरोप है कि जाति जनगणना में OBC का कॉलम नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आंकड़े जुटाने के तरीकों पर भी अंगुली उठाई है। उनकी आपत्ति इस बात पर है कि जाति का कॉलम खुला छोड़ दिया गया है, यानी यहां सभी को अपनी जाति खुद लिखनी है। अब चूंकि देश के विभिन्न हिस्सों में एक ही जाति को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, तो आंकड़े उलझे हुए मिल सकते हैं। इससे कोई निष्कर्ष निकालना बहुत मुश्किल होगा।
2011 की गलती । इस आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में भी इसी फॉर्मेट का इस्तेमाल किया गया था। तब 46 लाख से ज्यादा जातियां, उपजातियां, उपनाम दर्ज हो गए थे। इन आंकड़ों में इतनी विसंगति थी कि सरकार ने इनको जारी नहीं किया। कांग्रेस का सुझाव है कि लोगों पर छोड़ने के बजाय जातियों की पहले से एक तय लिस्ट होनी चाहिए। इससे एक जाति एक ही नाम से दर्ज होगी और स्पेलिंग की भी गलती नहीं होगी।

वास्तविक स्थिति जरूरी । जाति जनगणना का उद्देश्य केवल यह पता लगाना नहीं है कि देश में कितनी जातियां और उनकी कितनी आबादी है, बल्कि यह जानना भी है कि अलग-अलग सामाजिक समूहों की वास्तविक स्थिति क्या है। असमानता दूर करने के लिए लागू की गईं नीतियां कितनी कारगर रहीं और आगे उनमें किन बदलावों की दरकार है, इसकी सही तस्वीर जानने के लिए आंकड़ों की शुद्धता मायने रखती है। इसी से शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

सुझावों पर विचार । अगर किसी तरह का सवाल या संदेह है, तो उसे पहले ही दूर कर लिया जाना चाहिए। इसके लिए जो भी सुझाव आते हैं, उन पर विचार-विमर्श करने में हर्ज नहीं है। साथ ही, यह भी स्पष्ट रहना बहुत जरूरी है कि जुटाए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा। जाति जनगणना का देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर गहरा असर पड़ने वाला है। इसलिए प्रक्रिया पूरी तरह भरोसेमंद और सवालों के परे होनी चाहिए।